ईरान में पिछले 53 दिनों से इंटरनेट की सेवाएं लगभग पूरी तरह बंद हैं। इंटरनेट निगरानी संस्था NetBlocks के मुताबिक, देश पिछले 1248 घंटों से दुनिया के बाकी नेटवर्क से कटा हुआ है। इस डिजिटल बंदी की वजह से वहां के लोगों की नौकरियों और छोटे-बड़े कारोबारों पर बहुत बुरा असर पड़ा है।

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इंटरनेट क्यों बंद किया गया और कब से यह जारी है?

जनवरी 2026 की शुरुआत में ईरान में सरकार विरोधी प्रदर्शन हुए थे, जिसके बाद इंटरनेट पर पाबंदियां लगाई गईं। फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल के बीच युद्ध शुरू होने के बाद इन नियमों को और सख्त कर दिया गया। ईरान ने 28 फरवरी 2026 को ग्लोबल इंटरनेट से अपना संपर्क पूरी तरह काट लिया था। अब वहां कनेक्टिविटी सामान्य स्तर के मात्र 1% तक रह गई है।

सरकार के नए नियम और डिजिटल कंट्रोल का क्या तरीका है?

ईरानी प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा और बाहरी खतरों का हवाला देते हुए यह पाबंदी लगाई है। सरकार अब एक “टियर सिस्टम” लागू करने पर विचार कर रही है, जिसमें केवल कुछ खास लोगों और चुनिंदा बिजनेस को ही सीमित इंटरनेट मिलेगा। आम जनता अभी भी ग्लोबल इंटरनेट से कटी रहेगी। देश के अंदर की सेवाओं को चालू रखने के लिए सरकार ने नेशनल इंफॉर्मेशन नेटवर्क (NIN) बनाया है, ताकि बाहरी दुनिया से कटने के बाद भी घरेलू काम चलते रहें। साथ ही, सरकार स्टारलिंक जैसी सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं को भी रोकने की कोशिश कर रही है।

ईरान इंटरनेट बंदी से जुड़ी मुख्य जानकारियां

विवरण जानकारी
कुल बंदी की अवधि 53 दिन (21 अप्रैल 2026 तक)
कुल घंटों की कटौती 1248 घंटे
कनेक्टिविटी का स्तर लगभग 1%
बंदी शुरू होने का कारण जनवरी में सरकार विरोधी प्रदर्शन
प्रतिबंध सख्त होने का कारण फरवरी में अमेरिका-इजरायल युद्ध
ग्लोबल डिस्कनेक्ट की तारीख 28 फरवरी 2026
निगरानी संस्था नेटब्लॉक्स (NetBlocks)
घरेलू नेटवर्क का नाम नेशनल इंफॉर्मेशन नेटवर्क (NIN)
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.