ईरान में पिछले 70 दिनों से इंटरनेट लगभग पूरी तरह बंद है। इस वजह से वहां के लोग दुनिया से पूरी तरह कट गए हैं। इंटरनेट मॉनिटरिंग ग्रुप NetBlocks के मुताबिक अब तक लगभग 1,656 घंटे का डिजिटल ब्लैकआउट हो चुका है। आम जनता के लिए इंटरनेट का इस्तेमाल करना अब बहुत मुश्किल हो गया है।

ईरान सरकार ने इंटरनेट क्यों बंद किया?

ईरान सरकार का कहना है कि वह साइबर वॉर और गलत सूचनाओं को रोकने के लिए ऐसा कर रही है। हालांकि, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह सरकार की कोशिश है ताकि लोगों के विरोध को दबाया जा सके। सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने विद्रोह को रोकने के लिए यह आदेश दिया था। फरवरी 2026 के अंत से देश के 99 प्रतिशत हिस्से में इंटरनेट बंद है।

क्या कुछ लोगों को इंटरनेट मिल रहा है?

  • इंटरनेट प्रो और व्हाइट इंटरनेट: सरकार के करीबियों, प्रभावशाली लोगों और कुछ खास बिजनेस वालों को फीस लेकर इंटरनेट एक्सेस दिया जा रहा है।
  • नेशनल इंफॉर्मेशन नेटवर्क: लोगों को सिर्फ वही साइट्स चलाने दी जा रही हैं जिन्हें सरकार ने मंजूरी दी है।
  • खास छूट: डिप्टी साइंस मिनिस्टर सयेद मेहदी अबताही ने बताया कि रिसर्चर्स और प्रोफेसरों को कुछ चुनिंदा साइट्स इस्तेमाल करने की इजाजत मिलेगी।

पैसे का नुकसान और लोगों की मजबूरी

इंटरनेट बंद होने से ईरान की अर्थव्यवस्था को हर दिन 3 करोड़ डॉलर से 8 करोड़ डॉलर तक का भारी नुकसान हो रहा है। डिप्टी कम्युनिकेशंस मिनिस्टर ने इसे अर्थव्यवस्था के लिए सबसे महंगा फैसला बताया है। कई लोग अपना काम बचाने के लिए देश छोड़कर बाहर जा रहे हैं, जिसे इंटरनेट माइग्रेशन कहा जा रहा है। कुछ लोग Starlink का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन पकड़े जाने पर उन्हें जेल होने का खतरा है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान में कितने समय से इंटरनेट बंद है?

ईरान में 8 मई 2026 तक लगातार 70 दिनों से इंटरनेट बंद है, जिससे कुल 1,656 घंटे का डिजिटल ब्लैकआउट हुआ है।

इंटरनेट बंद होने का आर्थिक असर क्या है?

रिपोर्ट के अनुसार, इंटरनेट बंद होने से ईरान की अर्थव्यवस्था को हर दिन 30 मिलियन डॉलर से 80 मिलियन डॉलर का नुकसान हो रहा है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com