ईरान में पिछले 58 दिनों से इंटरनेट लगभग पूरी तरह बंद है जिससे वहां के आम लोग और बिजनेस बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। यह ब्लैकआउट 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल द्वारा तेहरान पर किए गए joint strikes के बाद शुरू हुआ था। इससे पहले जनवरी 2026 में भी सरकार ने इंटरनेट बंद किया था जिसे आंतरिक विरोध को दबाने की कोशिश बताया गया।
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इंटरनेट क्यों है बंद और सरकार का क्या कहना है?
ईरान के अधिकारियों ने देश में इंटरनेट पर कड़ी पाबंदी लगा रखी है। सांसद Fazlollah Ranjbar ने 17 अप्रैल 2026 को साफ कहा कि अभी इंटरनेट बहाल करना देश के हित में नहीं है। उन्होंने सुझाव दिया कि इंटरनेट बंद होने से बिजनेस और नागरिकों को जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई Strait of Hormuz से होने वाली कमाई और फ्रीज किए गए फंड से की जानी चाहिए। वहीं, उपराष्ट्रपति Mohammadreza Aref और संचार मंत्री Sattar Hashemi ने कहा कि इंटरनेट एक्सेस सबके लिए समान होना चाहिए और किसी भी तरह का भेदभाव नहीं होगा।
Starlink का इस्तेमाल और मानवाधिकार संगठनों की चेतावनी
ईरान सरकार उन लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है जो इंटरनेट चलाने के लिए Starlink सैटेलाइट का इस्तेमाल कर रहे हैं। 26 अप्रैल 2026 को तेहरान के उत्तर-पश्चिमी इलाके में तीन बिजनेस संस्थानों को बंद कर दिया गया क्योंकि वहां Starlink उपकरणों के इस्तेमाल का शक था। दूसरी तरफ, NetBlocks और Amnesty International जैसे संगठनों का कहना है कि यह इंटरनेट ब्लैकआउट मानवाधिकारों के उल्लंघन और सरकारी हिंसा को दुनिया से छिपाने का एक तरीका है। NetBlocks के मुताबिक इस पाबंदी ने परिवारों को एक दूसरे से अलग कर दिया है और देश की अर्थव्यवस्था को भारी चोट पहुंची है।