Iran Iraq News: ईरान और इराक के बीच शुरू हुआ नया आर्थिक सहयोग, अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता कम करने की तैयारी।

ईरान और इराक के बीच आर्थिक संबंधों को लेकर एक बहुत बड़ा अपडेट सामने आया है। ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की है कि दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग अब ऑपरेशनल यानी कार्यान्वयन के चरण में प्रवेश कर चुका है। इस नए बदलाव से दोनों पड़ोसी देशों के बीच व्यापारिक और कूटनीतिक रिश्ते काफी मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
तीन दिन की आधिकारिक यात्रा के बाद हुआ बड़ा ऐलान
ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने हाल ही में इ拉克 की तीन दिवसीय महत्वपूर्ण यात्रा पूरी की है। यह दौरा गत 19 अगस्त 2026 को शुरू हुआ था, जिसका मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच राजनीतिक, सुरक्षा, सांस्कृतिक और आर्थिक क्षेत्रों में आपसी संबंधों को और अधिक सुदृढ़ करना था। IRNA News Agency द्वारा 22 अगस्त 2026 को जारी रिपोर्ट के अनुसार, इस नए ऑपरेशनल फ्रेमवर्क के तहत अब जल्द ही एक इराकी चैंबर ऑफ कॉमर्स का प्रतिनिधिमंडल ईरान का दौरा करेगा। यह प्रतिनिधिमंडल ईरान के चैंबर एक्सपर्ट्स और बड़े बिजनेस लीडर्स के साथ बैठकर आपसी व्यापार को बढ़ाने के लिए विस्तार से बातचीत करेगा।
इराक के शीर्ष नेताओं के साथ हुई उच्च स्तरीय बैठकें
अपनी इस यात्रा के दौरान ईरानी संसद के स्पीकर ने इराक के कई प्रमुख और सर्वोच्च अधिकारियों के साथ अहम मुलाकातें कीं। इन बैठकों में उन्होंने इराक के राष्ट्रपति Nizar Amidi, प्रधानमंत्री Ali Faleh al-Zaidi, संसद स्पीकर Haibat al-Halbousi और नेशनल सिक्योरिटी एडवाइज़र Qassem al-Aboudi से चर्चा की। गत 20 अगस्त 2026 को उन्होंने इराक के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइज़र के साथ देश की सुरक्षा और आपसी सहयोग को लेकर लंबी बातचीत की। इस मुलाकात के बाद दोनों देशों के बीच सुरक्षा और बॉर्डर सिक्योरिटी को मजबूत करने के लिए एक व्यापक समझौते यानी Memorandum of Understanding (MoU) पर हस्ताक्षर भी किए गए। इसके अलावा उन्होंने इराकी सुप्रीम ज्यूडिशियल काउंसिल के अध्यक्ष Faiq Zaidan से भी मुलाकात की थी।
अमेरिकी डॉलर को छोड़ने और क्षेत्रीय स्थिरता पर जोर
क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के हालात पर बात करते हुए ईरानी स्पीकर ने गत 21 अगस्त 2026 को स्पष्ट शब्दों में कहा कि दोनों देशों को मिलकर उन आर्थिक प्रतिबंधों का सामना करना होगा जिन्हें उन्होंने अन्यायपूर्ण करार दिया। उन्होंने ईरान और इराक से अपील की कि वे अमेरिकी डॉलर पर अपनी निर्भरता को कम करने के लिए नए तरीके और मैकेनिज्म तैयार करें ताकि आपसी व्यापार स्थानीय मुद्राओं में किया जा सके। उन्होंने अमेरिका और इजराइल की नीतियों को आर्थिक युद्ध का नाम दिया। क्षेत्रीय स्थिरता के मुद्दे पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि ईरान इराक की संप्रभुता का पूरा सम्मान करता है और देश के अंदरूनी मामलों में बिल्कुल दखल नहीं देगा। उन्होंने यह भी बताया कि इराक अब विदेशी और गठबंधन सेनाओं की पूरी तरह से वापसी की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जिसे उन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए बेहद जरूरी बताया। इस यात्रा की पूरी जानकारी आप Uniindia News पर देख सकते हैं।