ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने देश के दो बड़े प्रांतों में जबरदस्त छापेमारी की है। इस ऑपरेशन में करीब 240 संदिग्धों को पकड़ा गया है। सुरक्षा बलों ने भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी जब्त किया है। यह पूरी कार्रवाई पश्चिमी ईरान में होने वाले संभावित हमलों को रोकने के लिए की गई।

कुर्दिस्तान प्रांत में क्या कार्रवाई हुई?

कुर्दिस्तान प्रांत में IRGC ने बड़े पैमाने पर छापे मारे। यहां 11 लोगों को हिरासत में लिया गया और एक कुर्द सशस्त्र समूह के सदस्य को मार गिराया गया। अलग-अलग जगहों से करीब 70 अन्य लोगों को भी गिरफ्तार किया गया। सुरक्षा बलों ने यहां से 8 आरपीजी लॉन्चर, 2,000 से ज्यादा गोलियां, 18 ग्रेनेड और कई सैटेलाइट इंटरनेट डिवाइस बरामद किए।

करमानशाह और तेहरान में क्या मिला?

करमानशाह प्रांत में 155 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें चार कथित मोसाद जासूस भी शामिल हैं। इन जासूसों को इज़रायली खुफिया एजेंसी मोसाद के लिए काम करने और इनाम लेने का आरोप है। साथ ही अवैध हथियार व्यापार से जुड़े 144 लोगों को भी पकड़ा गया। वहीं तेहरान पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिस पर मिसाइल हमलों से जुड़ी गोपनीय जानकारी दुश्मन नेटवर्क तक पहुंचाने का आरोप है।

इस पूरे ऑपरेशन का मकसद क्या था?

IRGC के मुताबिक, इन ऑपरेशनों का मुख्य उद्देश्य पश्चिमी ईरान में हमलों की तैयारी कर रहे गुटों को खत्म करना था। सरकार का दावा है कि ये समूह अमेरिका और ज़ायोनी शासन के समर्थन से ईरान की सीमाओं पर अस्थिरता फैलाना चाहते थे। इस कार्रवाई से कई आतंकवादी सेल और हथियार तस्करी करने वाली टीमों को पूरी तरह खत्म कर दिया गया है।