ईरान की सेना IRGC ने 9 मार्च 2026 को ‘True Promise 4’ ऑपरेशन का 31वां वेव शुरू कर दिया है। इसके तहत मिडिल ईस्ट में मौजूद US और इजरायली सैन्य ठिकानों पर भारी मिसाइलों से हमला किया गया है। IRNA न्यूज़ एजेंसी के अनुसार, यह हमला ईरान के नए कमांडर-इन-चीफ अयातुल्ला सैय्यद मोजतबा खामेनेई को समर्पित किया गया है। सेना ने इस पूरे ऑपरेशन के लिए ‘Labbaik Ya Khamenei’ कोड वर्ड का इस्तेमाल किया है।

हमले की पूरी जानकारी और इस्तेमाल हुए हथियार

पिछले 24 घंटों के भीतर यह लगातार चौथा बड़ा हमला है। आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार इससे ठीक पहले 28वें, 29वें और 30वें वेव में बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमले किए गए थे। IRGC की एयरोस्पेस और नेवल फोर्स ने मिलकर खातम अल-अंबिया सेंट्रल मुख्यालय के निर्देश पर इस कार्रवाई को अंजाम दिया है।

सेना ने इस बार ‘अल्ट्रा-हैवी मिसाइलों’ का इस्तेमाल किया है। इस ऑपरेशन के पुराने वेव में ईरान ने 2 टन वॉरहेड वाली खुर्रमशहर-4, हाइपरसोनिक फतह और खैबर शेकन जैसी घातक मिसाइलें दागी थीं। ईरान का कहना है कि यह कार्रवाई पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सैय्यद अली खामेनेई की मौत और US-इजरायल के ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के जवाब में की जा रही है।

गल्फ देशों और आम लोगों पर असर

इस सैन्य तनाव का सीधा असर गल्फ देशों में रहने वाले प्रवासियों और हवाई यात्रा करने वालों पर पड़ रहा है। कुवैत और फारस की खाड़ी में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया है।

सुरक्षा कारणों को देखते हुए कतर और कुवैत जैसे देशों ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है, जिससे कई फ्लाइट्स प्रभावित हुई हैं। इसके अलावा ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में भी काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है। ईरानी स्टेट मीडिया ने साफ कहा है कि जब तक विदेशी आक्रामकता खत्म नहीं होती, यह ऑपरेशन जारी रहेगा।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com