ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने Strait of Hormuz में अपनी ताकत दिखाई है। 22 अप्रैल 2026 को आई सैटेलाइट तस्वीरों में 33 तेज रफ्तार वाली नावें एक साथ गश्त करती नजर आईं। इस दौरान ईरान ने दो बड़े कमर्शियल जहाजों को जब्त कर लिया और एक अन्य जहाज पर हमला किया, जिससे पूरे समुद्री इलाके में तनाव बढ़ गया है।

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ईरान ने कैसे किया जहाजों पर कब्जा और नावें तैनात कीं?

सैटेलाइट तस्वीरों में IRGCN की 33 फास्ट-अटैक नावें कर्गन तट के पास एक फॉर्मेशन में गश्त करती दिखीं। इसी दिन ईरान ने MSC Francesca और Epaminondas नाम के दो जहाजों को पकड़ लिया। ईरान का दावा है कि ये जहाज बिना जरूरी मंजूरी के चल रहे थे और नेविगेशन सिस्टम के साथ छेड़छाड़ कर रहे थे। वहीं UKMTO ने जानकारी दी कि एक कंटेनर जहाज पर बिना किसी रेडियो चेतावनी के फायरिंग की गई, जिससे उसके ब्रिज को भारी नुकसान पहुँचा।

अमेरिका और ईरान के बीच क्यों बढ़ी यह तनातनी?

यह तनाव तब बढ़ा जब US Navy ने इस हफ्ते ईरान से जुड़े एक कच्चे तेल के टैंकर को बीच रास्ते में रोका। इसके जवाब में ईरान ने 18 अप्रैल 2026 को Strait of Hormuz पर अपना सख्त कंट्रोल लागू करने का ऐलान किया और कहा कि अब बिना मंजूरी के कोई जहाज यहाँ से नहीं गुजरेगा। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले दावा किया था कि उन्होंने ईरान की नौसेना को पूरी तरह तबाह कर दिया, लेकिन इन नावों की मौजूदगी ने उन दावों को चुनौती दी है।

क्या है ईरान की ‘मच्छर फ्लीट’ और यह कितनी खतरनाक है?

विशेषज्ञों के मुताबिक ईरान के पास छोटी और तेज नावों का एक बड़ा बेड़ा है, जिसे ‘मच्छर फ्लीट’ कहा जाता है। बताया गया कि इन नावों की 60 प्रतिशत से ज्यादा संख्या अब भी चालू हालत में है। ये नावें जमीन के नीचे बनी खास सुविधाओं में छिपी रहती हैं, जिसकी वजह से सैटेलाइट से इन्हें ट्रैक करना बहुत मुश्किल होता है। वर्तमान में Strait of Hormuz में गतिविधियों का स्तर बहुत ज्यादा है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.