ईरान की मिलिट्री फोर्स आईआरजीसी के चीफ ने दुश्मनों को बेहद कड़ी चेतावनी दी है। खुर्रमशहर की आजादी की बरसी पर दिए अपने एक संदेश में उन्होंने कहा कि अगर देश पर फिर से कोई हमला या सैन्य हिमाकत की गई, तो उसका अंजाम नरक जैसा और बहुत भयानक होगा। यह कड़ा बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच जंग को पूरी तरह खत्म करने के लिए पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है।

ईरान और अमेरिका के बीच क्या चल रही है बातचीत?

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही इस जंग को खत्म करने के लिए कतर और पाकिस्तान लगातार मध्यस्थता यानी समझौता कराने में जुटे हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में बयान दिया था कि दोनों देशों के बीच समझौता लगभग तय हो चुका है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने साफ किया है कि शुरुआती बातचीत के दायरे में परमाणु मुद्दे को शामिल नहीं किया गया है, इस विषय पर आगे चलकर अलग से बात की जाएगी। वहीं ईरान के एक सीनियर अधिकारी ने भी माना है कि दोनों देश युद्ध खत्म करने के समझौते पर हस्ताक्षर करने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण रहेगा कायम

भले ही शांति समझौते की खबरें सामने आ रही हों, लेकिन ईरान अपनी रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जगहों पर नियंत्रण छोड़ने को बिल्कुल भी तैयार नहीं है। आईआरजीसी से जुड़ी फार्स न्यूज एजेंसी ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उस दावे को साफ खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि समझौता होने के बाद हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से खोल दिया जाएगा। ईरान की एजेंसी ने कहा कि यह महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग केवल ईरान के मैनेजमेंट के तहत ही संचालित होता रहेगा।

जनरल जोल्फगारी की तस्वीर और सर्वोच्च नेता के प्रति निष्ठा

इस पूरे घटनाक्रम के बीच 23 मई 2026 को ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल इब्राहिम जोल्फगारी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एआई से बनी एक तस्वीर शेयर की। इस तस्वीर में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ईरान के सर्वोच्च नेता के सामने घुटने टेके हुए दिखाया गया है, जिस पर अंग्रेजी में ‘द एंड’ लिखा हुआ है। आईआरजीसी के कमांडर-इन-चीफ ने देश की सेना की तैयारी की तारीफ की और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैय्यद मुज्तबा हुसैनी खामेनेई के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई। उन्होंने कहा कि ईरान की मिसाइल, हवाई, नौसेना और अंतरिक्ष ताकत हमेशा हाई अलर्ट पर बनी हुई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच समझौते में कौन से देश मध्यस्थता कर रहे हैं?

ईरान और अमेरिका के बीच चल रही शांति बातचीत में पाकिस्तान और कतर मध्यस्थता की मुख्य भूमिका निभा रहे हैं। दोनों देश युद्ध को पूरी तरह खत्म करने का रास्ता निकालने की कोशिश में हैं।

क्या अमेरिका के साथ बातचीत में ईरान ने परमाणु मुद्दे को शामिल किया है?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई के अनुसार, परमाणु मुद्दे को शुरुआती बातचीत के फ्रेमवर्क का हिस्सा नहीं बनाया गया है और इस विषय पर बाद के चरणों में अलग से चर्चा की जाएगी।