ईरान के सैन्य संगठन IRGC ने 16 जुलाई 2026 को दावा किया कि उन्होंने औरिमेस्क के ऊपर अमेरिका का एक MQ-9 ड्रोन मार गिराया है। यह ड्रोन आमतौर पर निगरानी और जासूसी के मिशन के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस घटना की जानकारी अल जजीरा के जरिए सामने आई है, हालांकि ईरान की ओर से इस ड्रोन के सटीक स्थान और अन्य जानकारी फिलहाल नहीं दी गई है।
क्षेत्र में बढ़ता तनाव और सैन्य कार्रवाई
पिछले 24 घंटे में क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। 15 जुलाई 2026 को IRGC ने दावा किया कि उनके एयरोस्पेस फोर्स ने जॉर्डन के Azraq स्थित अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला किया। इस हमले में उन्होंने अमेरिकी फाइटर जेट्स के शेल्टर और कई MQ-9 ड्रोन को नष्ट करने की बात कही है। यह कार्रवाई उनके Nasr 2 ऑपरेशन का हिस्सा बताई जा रही है।
दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने भी जवाबी कार्रवाई की पुष्टि की है। अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर सटीक मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। इसमें ईरान की मिसाइल साइट्स, ड्रोन साइट्स और तटीय रक्षा प्रणालियों को निशाना बनाया गया है। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह हमले कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ईरान की आक्रामक क्षमता को कम करने के लिए किए गए हैं।
