ईरान के Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने 21 जुलाई 2026 को एक बड़ा दावा किया है। उनके अनुसार, उन्होंने Bahrain में मौजूद Amazon के डेटा सेंटर को कई क्रूज मिसाइलों से निशाना बनाया है। IRGC का कहना है कि यह हमला उनके Operation Nasr-2 का हिस्सा था और इसमें पूरी तरह से इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर दिया गया है।
Jordan और Kuwait में भी हमले का दावा
उसी दिन, ईरान के IRGC ने Jordan के Al-Rukban इलाके में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी हमला करने की बात कही है। इस घटना में कई लोगों के हताहत होने की खबर सामने आई है। साथ ही, Kuwait में भी अमेरिकी सैन्य साइटों को ड्रोन और मिसाइलों से निशाना बनाने का दावा किया गया है। IRGC के मुताबिक, ये हमले 19 और 20 जुलाई 2026 को ईरान के Darkhoveyn परमाणु संयंत्र पर हुए कथित अमेरिकी हवाई हमलों का जवाब थे।
आधिकारिक बयान और मौजूदा स्थिति
ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन और विदेश मंत्रालय ने Darkhoveyn पर हुए हमले को अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन बताया है। दूसरी तरफ, तनाव बढ़ने के बीच 20 जुलाई 2026 को अमेरिकी सेना ने पुष्टि की कि वे हारमुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए लगातार दसवीं रात ईरान पर हमले कर रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने यह भी जानकारी दी कि उन्हें तनाव कम करने के लिए कुछ प्रस्ताव मिले हैं। फिलहाल इन हमलों को लेकर संबंधित देशों या कंपनियों की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।
