ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका को लेकर एक बड़ा और कड़ा बयान दिया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका अब दुनिया में अकेला पड़ता जा रहा है और रूस, चीन और यूरोप जैसे बड़े देश उसका साथ छोड़ रहे हैं। IRGC के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब एक ऐसी मुश्किल स्थिति में हैं जहाँ उनके पास फैसले लेने की जगह बहुत कम बची है।

अमेरिका के पास अब क्या विकल्प बचे हैं?

IRGC ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी दी कि अमेरिका के सामने अब सिर्फ दो ही रास्ते बचे हैं। पहला रास्ता यह है कि वह कोई ऐसा सैन्य ऑपरेशन करे जिसे पूरा करना नामुमकिन है, और दूसरा रास्ता यह है कि वह ईरान के साथ एक ऐसा समझौता करे जो अमेरिका के लिए फायदेमंद नहीं होगा। ईरान का दावा है कि वाशिंगटन की फैसले लेने की क्षमता अब तेजी से घट रही है।

दुनिया के बाकी देशों का क्या स्टैंड है?

ईरान का कहना है कि दुनिया की बड़ी ताकतें अब अमेरिकी नीतियों की आलोचना कर रही हैं। इस मामले में कुछ मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • फ्रांस: राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि फ्रांस अमेरिका के किसी ऑपरेशन में शामिल नहीं होगा। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दोबारा खोलने के लिए आपसी तालमेल की बात की है।
  • ईरानी संसद: नेशनल सिक्योरिटी कमेटी के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि वह समुद्री रास्तों में दखल न दे, वरना इसे युद्धविराम का उल्लंघन माना जाएगा।
  • वैश्विक समर्थन: ईरान के अनुसार, रूस और चीन भी अब अमेरिका के फैसलों से सहमत नहीं हैं।

क्या बातचीत से मामला सुलझेगा?

ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच बातचीत के कुछ प्रयास भी चल रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने बताया कि पाकिस्तान के जरिए अमेरिका का जवाब मिला है, जिसे ईरान अभी देख रहा है। दूसरी तरफ, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के 14 सूत्री प्रस्ताव को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि यह स्वीकार्य नहीं है, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि बातचीत सकारात्मक दिशा में चल रही है।

तनाव इतना बढ़ गया है कि 3 मई 2026 को होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक मालवाहक जहाज पर छोटे जहाजों से हमला हुआ। ट्रंप ने जहाजों की सुरक्षा के लिए “Project Freedom” शुरू किया है, लेकिन ईरान ने साफ कह दिया है कि अगर अमेरिकी सेना उस इलाके में आई तो वह कड़ा जवाब देगा।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Project Freedom क्या है?

यह राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा शुरू की गई एक योजना है, जिसका मकसद होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय जहाजों को सुरक्षित रास्ता दिखाना है। ईरान ने इस प्रोजेक्ट को पूरी तरह खारिज कर दिया है।

ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ कौन है?

पाकिस्तान इस विवाद में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। ईरान और अमेरिका के बीच जो भी प्रस्ताव या जवाब भेजे जा रहे हैं, वे पाकिस्तान के जरिए ही एक-दूसरे तक पहुँच रहे हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.