ईरान के सैन्य संगठन आईआरजीसी (IRGC) के शीर्ष कमांडर ने इसराइल को कड़ा अल्टीमेटम दिया है। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए (IRNA) के अनुसार, ईरान की कुड्स फोर्स के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल इस्माइल कानी ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि इसराइली सेना को हालिया युद्ध से पहले की स्थितियों में वापस लौटना होगा। इस बयान के बाद क्षेत्र में सैन्य तनाव और चर्चाएं तेज हो गई हैं।
क्या है ईरान की मुख्य मांग और ’40 दिनों की जंग’ का मामला?
ब्रिगेडियर जनरल इस्माइल कानी (Brigadier General Esmaeil Qaani) ने घोषणा की कि इसराइली सेना को उन सभी जगहों से पीछे हटना होगा, जहां वे अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर थोपी गई जंग से पहले मौजूद थे। उन्होंने इस हालिया संघर्ष को 40 दिनों की जंग (40-day war) का नाम दिया है। उनके अनुसार, क्षेत्र के प्रतिरोध बलों की न्यूनतम मांग यही है कि इसराइली शासन इस युद्ध से पहले की अपनी सीमाओं में वापस जाए।
लेबनानी लड़ाकों को समर्थन और इसराइल के अलग-थलग होने का दावा
जनरल कानी ने लेबनान के प्रतिरोध समूहों के प्रति ईरान के मजबूत समर्थन को एक बार फिर दोहराया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि लेबनानी लड़ाकों को अपनी बहादुरी का परिणाम जल्द ही देखने को मिलेगा और वे इस आक्रामकता के खिलाफ विजयी होंगे। इसके अतिरिक्त, ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद मोजतबा हुसैनी खामेनेई ने भी बयान जारी कर कहा है कि हालिया सैन्य टकरावों में मिली हार की वजह से इसराइल वैश्विक स्तर पर अलग-थलग पड़ता जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान के किस कमांडर ने इसराइल को सेना पीछे हटाने की चेतावनी दी है?
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) की कुड्स फोर्स के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल इस्माइल कानी ने 4 जून 2026 को यह बयान जारी कर इसराइल को पीछे हटने की चेतावनी दी है।
जनरल कानी ने हालिया संघर्ष को क्या नाम दिया है?
जनरल कानी ने इस संघर्ष को 40 दिनों की जंग (40-day war) बताया है और कहा है कि इसराइल को इस जंग की शुरुआत से पहले वाली स्थितियों में लौटना होगा।
