ईरान की सुरक्षा एजेंसी IRGC ने देश के अलग-अलग प्रांतों में चलाए गए जासूसी नेटवर्क को खत्म कर दिया है। एजेंसी का दावा है कि ये लोग बाहरी देशों के इशारे पर ईरान में अशांति फैलाने और जासूसी करने का काम कर रहे थे। इस ऑपरेशन में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनका संबंध अमेरिका, इसराइल और ब्रिटेन से बताया जा रहा है।

किन राज्यों में हुई कार्रवाई और कौन गिरफ्तार हुए?

ईरान के तीन मुख्य प्रांतों—East Azerbaijan, Kerman और Mazandaran में यह बड़ा ऑपरेशन चलाया गया। इन जगहों से राजशाही समर्थकों, इसराइल के करीबियों और विदेशी खुफिया एजेंसियों के लिए काम करने वाले जासूसों को पकड़ा गया। पकड़े गए लोगों में कुछ ऐसे लोग भी शामिल हैं जो ‘Iran International’ जैसे मीडिया नेटवर्क के जरिए अफवाहें फैला रहे थे और देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रहे थे।

इन जासूसी नेटवर्क पर क्या आरोप लगे हैं?

पकड़े गए लोगों पर आरोप है कि वे बाजार को खराब करने, हथियारों की तस्करी करने और ईरान की संवेदनशील जगहों की गुप्त जानकारी विदेश भेजने का काम कर रहे थे। ये गिरोह लोगों को भड़काकर सड़कों पर दंगे करवाने की तैयारी में थे ताकि बाहरी सेना को हमला करने में आसानी हो। जांच में पता चला कि इनके पास भारी मात्रा में हथियार और संचार उपकरण भी मौजूद थे।

प्रांत (Province) गिरफ्तार लोग मुख्य गतिविधियां और आरोप
East Azerbaijan 7 लोग हथियार जुटाना, तोड़फोड़ की तैयारी और संवेदनशील जगहों के कोऑर्डिनेट्स भेजना।
Mazandaran 69 लोग इसराइल के करीबियों और गद्दारों का नेटवर्क, हथियार और संचार उपकरण बरामद।
Kerman 51 लोग जासूसी टीमें, बाजार बिगाड़ना, दंगे भड़काना और मीडिया ऑपरेटिव्स की मौजूदगी।
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com