ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में दो तेल टैंकरों को रोकने की घोषणा की है। ईरान का आरोप है कि ये जहाज अमेरिकी सेना के एस्कॉर्ट में एक अनधिकृत रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। इस घटना के बाद ईरान ने आधिकारिक तौर पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को बंद करने का ऐलान कर दिया है।
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अब IRGC से समन्वय जरूरी
ईरान ने साफ कर दिया है कि अब इस जलमार्ग से गुजरने वाले किसी भी जहाज को IRGC के साथ तालमेल बिठाना होगा। उन्होंने शिपिंग कंपनियों और इंश्योरेंस फर्मों को सलाह दी है कि वे क्षेत्र में नेविगेशन के लिए अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के निर्देशों का पालन न करें। रिपोर्ट के अनुसार, चार अन्य तेल टैंकरों को चेतावनी मिलने के बाद वापस लौटना पड़ा।
तनावपूर्ण स्थिति और ईरान का दावा
ईरान फरवरी 2026 से ही होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपने पूर्ण नियंत्रण का दावा करता आ रहा है। ईरान का मानना है कि यह जलमार्ग उसका हिस्सा है और यहाँ से गुजरने वाले सभी टैंकरों को उनके तय रूट का पालन करना होगा। दूसरी ओर, CENTCOM ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि IRGC की कार्रवाई नागरिक जहाजों के लिए मुख्य खतरा है। तनाव के इस माहौल में अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमले और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है।
