मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर बहुत बढ़ गया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने खुली चेतावनी दी है कि उनकी मिसाइलें और ड्रोन अमेरिकी ठिकानों पर लॉक हो चुके हैं। बस हमले के आदेश का इंतज़ार है, जिससे पूरे इलाके में डर का माहौल है।

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ईरान ने अमेरिका को क्या धमकी दी?

IRGC ने साफ कहा है कि अगर ईरान के तेल टैंकरों या कमर्शियल जहाजों पर कोई हमला हुआ, तो वह अमेरिका के क्षेत्रीय केंद्रों और जहाजों पर भारी हमला करेगा। IRGC एयरोस्पेस फोर्स के कमांडर ब्रिगेडियर जनरल सैयद मजीद मौसवी ने बताया कि उनके ड्रोन और मिसाइलें अमेरिकी ठिकानों और जहाजों के निशाने पर हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे बस फायर करने के ऑर्डर का इंतज़ार कर रहे हैं।

मामला इतना क्यों बढ़ा और अब क्या हो रहा है?

यह पूरा विवाद तब बढ़ा जब US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 9 मई 2026 को ओमान की खाड़ी में दो ईरानी तेल टैंकरों को बेकार कर दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पुष्टि की कि होर्मुज जलडमरूमध्य में गोलीबारी हुई और ईरानी नावों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया। ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिकी जहाजों को निशाना बनाने वाले ड्रोन और मिसाइलों को हवा में ही रोक दिया गया। इस तनाव को देखते हुए ब्रिटेन ने अपना युद्धपोत HMS Dragon इस इलाके में भेजा है ताकि व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा की जा सके।

क्या बातचीत से मामला सुलझ सकता है?

अमेरिका की तरफ से तनाव कम करने का प्रस्ताव भेजा गया है, जिस पर ईरानी अधिकारी अली सफारी ने कहा कि ईरान को अमेरिका की नीयत पर भरोसा नहीं है। बता दें कि 13 अप्रैल 2026 से अमेरिका ने ईरानी समुद्री यातायात के लिए रास्ता बंद (ब्लॉक) कर रखा है। इससे पहले पाकिस्तान ने बीच-बचाव कर युद्धविराम कराया था, लेकिन वह ज़्यादा समय तक नहीं चला। होर्मुज जलडमरूमध्य में फरवरी 2026 से ही तनाव चल रहा है, जहाँ ईरान ने अमेरिका और इसराइल से जुड़े जहाजों के लिए पाबंदियाँ लगा रखी हैं।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ब्रिटेन ने मध्य पूर्व में युद्धपोत क्यों भेजा है?

ब्रिटेन ने अपना युद्धपोत HMS Dragon इस इलाके में तैनात किया है ताकि होर्मुज जलडमरूमध्य में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा की जा सके और क्षेत्रीय अस्थिरता से निपटा जा सके।

ईरान की IRGC ने क्या चेतावनी दी है?

IRGC ने कहा है कि उनकी मिसाइलें और ड्रोन अमेरिकी ठिकानों पर लॉक हैं और अगर ईरानी तेल टैंकरों पर हमला हुआ, तो वे अमेरिका के केंद्रों और जहाजों पर हमला करेंगे।