ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने एक बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया है। इस कार्रवाई में उन्होंने अपनी खुफिया जानकारी और दबदबे का इस्तेमाल करते हुए क्षेत्र में अपनी ताकत दिखाई है। इस बीच इसराइल के दो जहाजों को जब्त कर लिया गया है, जिससे पूरी दुनिया की नजरें अब इस इलाके पर टिकी हैं।

ईरान ने इसराइल के कौन से जहाज जब्त किए और क्यों?

IRGC की नेवी यूनिट्स ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में MSC FRANCESCA और EPAMINONDAS नाम के दो कंटेनर जहाजों को जब्त किया है। यह कदम अमेरिका द्वारा ईरानी तेल टैंकरों को पकड़े जाने के जवाब में उठाया गया। ईरान के दूसरे डिप्टी पार्लियामेंट स्पीकर अली निकज़ाद ने बताया कि सर्वोच्च नेता के आदेश के बाद हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य अब किसी भी कीमत पर युद्ध से पहले वाली स्थिति में वापस नहीं जाएगा।

अमेरिका को ईरान की क्या चेतावनी मिली है?

  • IRGC कमांडर मोहम्मद जाफर असादी ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान के संसाधनों को लूटना आसान नहीं है।
  • उन्होंने साफ किया कि अगर अमेरिका ने दोबारा हमला किया तो उसे बहुत भारी चोट झेलनी होगी।
  • ईरानी सेना ने ऐलान किया है कि वे किसी भी नए हमले का जवाब रणनीतिक तरीके से देंगे और अमेरिकी सैनिकों के लिए युद्धबंदी कैंप (prisoner of war camps) पहले ही तैयार कर लिए हैं।

खुफिया ऑपरेशन और शांति की कोशिशें क्या हैं?

ईरान की खुफिया एजेंसी ने कुरदिस्तान और केर्मांशाह प्रांतों में कई सशस्त्र समूहों को खत्म कर दिया है। ईरान का दावा है कि इन समूहों को अमेरिका और इसराइल का समर्थन मिला हुआ था और वे हमले की तैयारी कर रहे थे। दूसरी तरफ, विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शांति प्रयासों के लिए ओमान और पाकिस्तान का दौरा किया। हालांकि, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान में होने वाली शांति वार्ता के लिए अपने दूतों की यात्रा 25 अप्रैल को रद्द कर दी थी।