ईरान की सेना IRGC ने ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत 77वें दौर का हमला शुरू कर दिया है। इस सैन्य कार्रवाई में इजरायल के साथ-साथ खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, यह हमला अमेरिकी राष्ट्रपति की बयानबाजी और उनकी मनोवैज्ञानिक युद्ध नीति के जवाब में किया गया है। इस कार्रवाई से पूरे खाड़ी क्षेत्र में हलचल मच गई है।

किन-किन जगहों पर हुए हमले और कौन से हथियारों का हुआ इस्तेमाल?

ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस बड़े ऑपरेशन के लिए ‘या हैदर कर्रार’ कोड नाम का इस्तेमाल किया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले में भारी हथियारों और घातक मिसाइलों का उपयोग किया गया है।

  • इजरायली ठिकाने: इजरायल के कब्जे वाले क्षेत्रों, तेल अवीव (Tel Aviv), हाइफा और अश्कलोन में सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए गए।
  • अमेरिकी एयरबेस: UAE में अल धफरा (Al Dhafra), सऊदी अरब में अल-खर्ज (Al-Kharj) और कुवैत में अली अल-सलेम (Ali Al-Salem) एयरबेस को निशाना बनाया गया।
  • उपयोग किए गए हथियार: हमलों में ‘खैबर शिकन’ (Kheibar Shekan) और ‘जुलफक्कार’ (Zolfaghar) मिसाइल सिस्टम के साथ-साथ कामिकेज़ ड्रोन का इस्तेमाल किया गया है।
  • अमेरिकी नौसेना: लाल सागर में मौजूद अमेरिकी पांचवें बेड़े (US Fifth Fleet) को भी टारगेट किया गया।

क्या अमेरिका के साथ शांति वार्ता की खबरों में कोई सच्चाई है?

ईरान की सरकारी न्यूज़ एजेंसी IRNA ने अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें कहा गया था कि ईरान के साथ शांति वार्ता चल रही है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ किया है कि अमेरिका के साथ किसी भी तरह की सीधी या अप्रत्यक्ष बातचीत नहीं हो रही है।

ईरान ने ट्रंप के बयानों को ‘फेक न्यूज़’ और मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने का एक तरीका बताया है। उनका कहना है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के विरोधाभासी व्यवहार के बावजूद वे मोर्चे पर पीछे नहीं हटेंगे। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक हो सकती है क्योंकि सैन्य गतिविधियों के कारण सुरक्षा अलर्ट जारी किए जा सकते हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.