ईरान के IRGC कुद्स फोर्स के कमांडर Esmail Qaani ने अमेरिका और इसराइल को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि तीसरे थोपे गए युद्ध ने अमेरिका की साख खराब कर दी और इसराइल के पतन की रफ़्तार को बढ़ा दिया है।
🗞️: US-Iran Peace Talks: अमेरिका और ईरान के बीच शांति की कोशिश, परमाणु नियमों के पालन पर हटेंगे प्रतिबंध।
Esmail Qaani ने बताया कि ईरान के सैन्य दबाव की वजह से अमेरिका के साथ बातचीत में ईरान की स्थिति मजबूत हुई। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन ने युद्धविराम की कोशिश की लेकिन तेहरान ने झुकने से इनकार कर दिया। उन्होंने दावा किया कि आस्था और प्रतिरोध की जीत हुई है और खून ने तलवार को हरा दिया है।
हमास और हिज़बुल्लाह की ताकत
कमांडर Qaani ने चेतावनी दी कि Hamas जल्द ही फिर से खड़ा होगा। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में ईरान समर्थित समूहों के पास ऐसी ताकत है जिसे अभी दुनिया के सामने नहीं लाया गया है। लेबनान के Hezbollah को उन्होंने एक शक्तिशाली फोर्स बताया और कहा कि उनकी पूरी क्षमता अभी सामने नहीं आई है।
उन्होंने यह भी कहा कि Bab al-Mandab जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक रास्ते प्रतिरोध मोर्चे के लिए एक बड़े हथियार की तरह काम करते हैं। उन्होंने अमेरिका और इसराइल को चेतावनी दी कि अगर उन्होंने ईरान समर्थित समूहों से टकराव किया तो उन्हें कई मोर्चों पर मुकाबला करना पड़ेगा।
अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता
खबरों के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच मिडिल ईस्ट युद्ध को खत्म करने और Strait of Hormuz को फिर से खोलने के लिए एक शांति ढांचा तैयार किया गया है। इस समझौते पर 19 जून 2026 को Geneva में औपचारिक हस्ताक्षर होने वाले हैं। इससे पहले 9 जून को भी Qaani ने चेतावनी दी थी कि किसी भी उकसावे का जवाब पूरे प्रतिरोध मोर्चे द्वारा मिलकर दिया जाएगा।
इसराइल का जवाब
दूसरी तरफ, इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इस समझौते पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच कोई भी डील इसराइल को ईरान के खिलाफ कार्रवाई करने से नहीं रोकेगी। उनका कहना था कि ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना ज़रूरी है और इसराइल के हालिया हमलों ने ईरान के परमाणु बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुँचाया है।