ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका के सभी आरोपों को खारिज कर दिया है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि उसकी सैन्य क्षमताओं के बारे में फैलाए जा रहे दावे गलत हैं। हालिया तनाव को देखते हुए ईरान ने किसी भी संभावित खतरे के खिलाफ अपनी जवाबी कार्रवाई की प्रतिबद्धता दोहराई है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच सैन्य और राजनीतिक मोर्चे पर कड़वाहट बढ़ती जा रही है।

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अमेरिका और ईरान के बीच क्यों बढ़ा तनाव?

व्हाइट हाउस के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ Stephen Miller ने हाल ही में दावा किया था कि IRGC का नेतृत्व और उनकी कमान पूरी तरह से खत्म हो चुकी है। इसके जवाब में ईरान ने इन बयानों को मनोवैज्ञानिक युद्ध और प्रोपेगेंडा बताया है। 20 मार्च 2026 को एक कथित संयुक्त सैन्य हमले में IRGC के प्रवक्ता Ali Mohammad Naini की मौत के बाद हालात और ज्यादा बिगड़ गए हैं। ईरान का मानना है कि अमेरिका और इजरायल मिलकर उनके शीर्ष सैन्य अधिकारियों को निशाना बना रहे हैं।

ईरान की भविष्य की रणनीति क्या है?

ईरानी सेना के अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी मिसाइल बनाने की क्षमता को किसी भी दबाव में कम नहीं होने देंगे। सैन्य प्रवक्ता Abolfazl Shekarchi ने राष्ट्रीय टेलीविजन पर चेतावनी दी है कि अब उनके विरोधियों के लिए दुनिया का कोई भी कोना पूरी तरह सुरक्षित नहीं रहेगा। ईरान ने खाड़ी क्षेत्र यानी Persian Gulf में अमेरिकी मौजूदगी को लेकर भी अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। साथ ही प्रशासन ने यह भी साफ किया है कि देश के अंदर होने वाले किसी भी नए विरोध प्रदर्शन से अब और भी ज्यादा सख्ती से निपटा जाएगा।

हालिया घटनाक्रम पर एक नज़र

तारीख प्रमुख घटना
13 मार्च 2026 विरोध प्रदर्शनों के खिलाफ IRGC की सख्त चेतावनी
18 मार्च 2026 अमेरिका ने IRGC के ढांचे को ध्वस्त बताने का दावा किया
20 मार्च 2026 हवाई हमले में प्रवक्ता Ali Mohammad Naini की मौत
23 मार्च 2026 IRNA ने अमेरिका के दावों को खारिज करने की रिपोर्ट जारी की