Iran की IRGC ने 9 अप्रैल 2026 को बयान जारी कर कहा है कि सीजफायर शुरू होने के बाद से उनकी सेना ने किसी भी देश पर कोई मिसाइल नहीं दागी है. ईरान का दावा है कि जो भी ड्रोन हमले देखे गए हैं, वे निश्चित रूप से इसराइल या अमेरिका की हरकत हैं. इस समय खाड़ी क्षेत्र में पाकिस्तान की मध्यस्थता से शुरू हुआ युद्धविराम लागू है, लेकिन तनाव अब भी बना हुआ है.

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ईरान के दावे और खाड़ी देशों की रिपोर्ट में क्या अंतर है?

IRGC का कहना है कि वे हमेशा अपने हमलों की जिम्मेदारी खुले तौर पर लेते हैं और वर्तमान में वे सीजफायर का पालन कर रहे हैं. हालांकि, पिछले 24 घंटों में खाड़ी के अलग-अलग रक्षा मंत्रालयों ने ड्रोन हमले रोकने की जानकारी दी है:

देश का नाम इंटरसेप्ट किए गए ड्रोन/मिसाइल
Kuwait 28 ड्रोन (तेल सुविधाओं के पास)
Saudi Arabia 9 ड्रोन
Qatar 7 मिसाइल और ड्रोन
Bahrain मलबे से नुकसान की सूचना

ईरान के वार्ताकार Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका और इसराइल पर आरोप लगाया है कि वे सीजफायर की शर्तों का उल्लंघन कर रहे हैं. ईरान का मानना है कि लेबनान में जारी हमले और उनके हवाई क्षेत्र में ड्रोन की घुसपैठ समझौते के खिलाफ है.

लेबनान और Strait of Hormuz को लेकर क्या है नया अपडेट?

Iran और Israel के बीच मुख्य विवाद Lebanon को लेकर फंसा हुआ है. ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा है कि लेबनान में हमला रुकना सीजफायर की अनिवार्य शर्त है. IRGC ने बताया कि इसराइल द्वारा लेबनान में किए गए हमलों के बाद Strait of Hormuz के जरिए जहाजों की आवाजाही काफी धीमी हो गई है.

IRGC Navy ने अब समुद्री ट्रैफिक के लिए नए वैकल्पिक रास्ते जारी किए हैं क्योंकि पुराने रास्तों पर बारूदी सुरंगों का खतरा बताया जा रहा है. ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर लेबनान में इसराइली हमले नहीं रुके, तो इसका जवाब बहुत सख्त दिया जाएगा. फिलहाल अमेरिका और इसराइल ने लेबनान को इस सीजफायर का हिस्सा मानने से साफ इनकार किया है.