ईरान के Islamic Revolution Guard Corps (IRGC) ने 30 जुलाई 2026 को एक सख्त चेतावनी जारी की है। इस आधिकारिक बयान में कहा गया है कि जो भी देश ईरान के खिलाफ अमेरिकी हमलों में मदद करेगा, उसे बहुत भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। IRGC ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के साथ मिलकर ईरान को निशाना बनाने वाले देशों को इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।

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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर

यह चेतावनी CENTCOM की ओर से ईरान पर किए गए ताज़ा हमलों के बाद आई है। 30 जुलाई को हुई इन एयरस्ट्राइक्स में ईरान के कई शहरों को निशाना बनाया गया, जिसमें Qeshm Island पर एक हमले के दौरान एक दो साल के बच्चे और उसके माता-पिता की मौत की दुखद खबर सामने आई है। Al Jazeera की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने यह कार्रवाई क्षेत्र में अपने ठिकानों पर हुए हमलों के जवाब में की है।

हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का कड़ा रुख

तनाव तब और बढ़ गया जब 28 जुलाई की रात को दो तेल टैंकरों ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अनसेफ रूट का इस्तेमाल करने की कोशिश की, जिन्हें कथित तौर पर अमेरिकी विमानों का समर्थन प्राप्त था। इसमें एक जहाज में आग लग गई थी। IRGC ने दोबारा दोहराया है कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य पूरी तरह से ईरान के नियंत्रण में है। ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिकी अधिकारी क्षेत्र में हस्तक्षेप करेंगे और धमकियां देंगे, तब तक वह अपनी समुद्री सीमा को लेकर किसी बाहरी दखल को बर्दाश्त नहीं करेगा।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.