ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 13 जुलाई 2026 को कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर हमला करने का दावा किया है। इस हमले में अमेरिकी सेना के दो HIMARS मिसाइल लॉन्चर और उनसे जुड़े वेयरहाउस नष्ट होने की बात कही गई है। IRGC ने इसे अपने जवाबी ऑपरेशन का चौथा चरण बताया है, जिसे वे ईरान पर पहले हुए अमेरिकी हमलों का बदला बता रहे हैं।
कुवैत ने हमले को बताया संप्रभुता का उल्लंघन
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और इसे अपनी संप्रभुता का गंभीर उल्लंघन माना है। कुवैत के सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने आकाश में शत्रुतापूर्ण हवाई लक्ष्यों का जवाब दिया है। कुवैत सरकार ने जोर देकर कहा कि वे अपनी सुरक्षा और हितों की रक्षा के लिए सभी जरूरी कदम उठाने का अधिकार रखते हैं।
दूसरी ओर, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनके किसी भी सैनिक की मौत या घायल होने की जानकारी नहीं है। अमेरिकी सेना ने पुष्टि की कि उनका कोई भी कर्मी हताहत नहीं हुआ है। हालांकि, CENTCOM ने अपने स्तर पर ईरान के खिलाफ जवाबी स्ट्राइक पूरी की है, जिसका मकसद फारस की खाड़ी (Strait of Hormuz) में अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना था।
