मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है क्योंकि ईरान की IRGC ने इसराइल को कड़ी चेतावनी दी है। ईरान ने कहा है कि लेबनान पर जारी हमलों के लिए इसराइल को पछताना पड़ेगा क्योंकि यह सीजफायर का सीधा उल्लंघन है। इसके साथ ही ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) पर अपना नियंत्रण और भी सख्त कर दिया है और कहा है कि वह किसी भी स्थिति के लिए तैयार है।

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ईरान की चेतावनी और सीजफायर पर पैदा हुआ नया विवाद

9 अप्रैल 2026 को ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने आधिकारिक तौर पर इसराइल को लेबनान में हमले रोकने की हिदायत दी। ईरान का मानना है कि लेबनान पर हमला उसके खुद के ऊपर हमले जैसा है। हालांकि, अमेरिका और इसराइल का दावा है कि लेबनान को सीजफायर समझौते में शामिल नहीं किया गया था। इस टकराव की वजह से पाकिस्तान की मध्यस्थता से हुआ दो सप्ताह का शांति समझौता अब खतरे में पड़ता दिख रहा है।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज को लेकर ईरान के नए और सख्त नियम

ईरान ने समुद्र के रास्ते होने वाले व्यापार पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है और साफ कर दिया है कि अब इस रास्ते का इस्तेमाल पहले जैसा आसान नहीं होगा। ईरान के रक्षा अधिकारियों ने नए आदेश जारी किए हैं जो जहाजों की आवाजाही को प्रभावित करेंगे।

  • स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने के लिए अब ईरानी सशस्त्र बलों के साथ तालमेल बिठाना जरूरी होगा।
  • ईरान इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर ट्रांजिट फीस लगाने की योजना बना रहा है।
  • अमेरिकी और इसराइली जहाजों के लिए रास्ते पूरी तरह से बंद या प्रतिबंधित किए जा सकते हैं।
  • ईरान ने समुद्री रास्तों में माइंस बिछाने जैसे दबाव बनाने वाले कदम भी उठाए हैं।
  • दुनिया का लगभग 20 प्रतिशत तेल इसी रास्ते से सप्लाई होता है, जिससे वैश्विक बाजार पर बड़ा असर पड़ेगा।

जंग और नुकसान का ताजा आंकड़ा

विवरण ताजा स्थिति
लेबनान में मौतें लगभग 254 लोग मारे गए
घायलों की संख्या 1,165 से ज्यादा घायल
हमले वाले स्थान बेरुत के करीब 10 अलग-अलग इलाके
स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज 8 अप्रैल से ईरान द्वारा दोबारा बंद और नियंत्रित