ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने एक बहुत बड़ी चेतावनी जारी की है। उन्होंने साफ कहा है कि Strait of Hormuz में जो भी जहाज उनके बनाए गए समुद्री नियमों का पालन नहीं करेंगे, उन्हें जबरन रोका जाएगा। यह खबर IRNA न्यूज़ एजेंसी ने दी है और इससे पूरे इलाके में तनाव और बढ़ गया है।

नियम क्या हैं और किन जहाजों पर होगा असर?

IRGC के प्रवक्ता Sardar Mohebbi ने 4 मई 2026 को बताया कि जो जहाज तेहरान द्वारा तय किए गए ट्रांजिट नियमों को नहीं मानेंगे, उन्हें ताकत के इस्तेमाल से रोका जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर कोई भी समुद्री गतिविधि IRGC नेवी के सिद्धांतों के खिलाफ होगी, तो उसमें बड़ा जोखिम होगा। हालांकि, जो कमर्शियल और सिविलियन जहाज तय रूट पर चलेंगे और तालमेल रखेंगे, वे पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे।

ईरान ने यह सख्त फैसला क्यों लिया?

यह पूरा मामला सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei के आदेश के बाद सामने आया है। उन्होंने विदेशी ताकतों को चेतावनी दी है कि इस क्षेत्र में उनके किसी भी साजिश की जगह नहीं है। ईरान अपनी 2,000 किलोमीटर लंबी तटरेखा पर अपना कंट्रोल मजबूत करना चाहता है ताकि यह क्षेत्र उसकी ताकत और कमाई का जरिया बन सके। बता दें कि 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल के हमलों के बाद से ही हालात खराब हैं और 13 अप्रैल 2026 से अमेरिका ने ईरानी जहाजों की नाकाबंदी कर रखी है।

पहले क्या निर्देश जारी हुए थे?

इससे पहले 18 अप्रैल 2026 को भी IRGC ने निर्देश दिए थे कि सिविलियन जहाजों को सिर्फ आधिकारिक रूट का ही इस्तेमाल करना होगा। इसमें साफ तौर पर कहा गया था कि मिलिट्री जहाजों को Strait of Hormuz से गुजरने की इजाजत नहीं होगी और किसी भी मूवमेंट के लिए पहले अनुमति लेनी होगी। हालांकि पाकिस्तान ने 8 अप्रैल को एक सीजफायर कराने की कोशिश की थी, लेकिन कोई स्थायी समझौता नहीं हो पाया और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बिना समय सीमा के इस समझौते को आगे बढ़ा दिया था।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या कमर्शियल जहाजों को खतरा है?

नहीं, IRGC प्रवक्ता ने कहा है कि जो कमर्शियल और सिविलियन जहाज तय रूट का पालन करेंगे और उनके साथ तालमेल रखेंगे, वे पूरी तरह सुरक्षित और सुरक्षित रहेंगे।

मिलिट्री जहाजों के लिए क्या नियम हैं?

18 अप्रैल के निर्देशों के मुताबिक, मिलिट्री जहाजों को Strait of Hormuz से गुजरने या ट्रांजिट करने की सख्त मनाही है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.