ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों के लिए एक सख्त चेतावनी जारी की है। ईरान ने साफ कहा है कि सभी समुद्री जहाजों को केवल उन्हीं रास्तों का इस्तेमाल करना होगा जिन्हें ईरान ने मंजूर किया है। अगर कोई जहाज इन तय रास्तों से हटकर चलता है, तो इसे बेहद खतरनाक माना जाएगा और ईरान उस पर सख्त कार्रवाई करेगा।

ईरान का आदेश और नियम

यह चेतावनी 25 जून 2026 को आधिकारिक तौर पर दी गई। ईरान ने कहा है कि इस समुद्री रास्ते से सुरक्षित निकलने के लिए जहाजों को चैनल 16 के जरिए उनकी नेवल फोर्स के साथ तालमेल बिठाना जरूरी है। ईरान का कहना है कि बिना जानकारी के किसी भी नए रास्ते का इस्तेमाल करना नियमों का उल्लंघन है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विवाद की मुख्य वजह

ईरान की यह नाराजगी ओमान और International Maritime Organization (IMO) के एक फैसले के बाद आई है। ओमान और IMO ने खाड़ी में फंसे करीब 11,000 नाविकों को सुरक्षित निकालने के लिए एक अस्थायी रास्ता (corridor) बनाया था। इसमें दो नए रास्ते शामिल थे ताकि जहाजों को बीच के खतरनाक इलाके से न गुजरना पड़े, जहाँ बारूदी सुरंगों का खतरा था। ईरान ने इन नए रास्तों को यह कहकर खारिज कर दिया कि उन्हें इस बारे में पहले से कोई सूचना नहीं दी गई थी।

अमेरिका और यूरोपीय संघ का रुख

इस मामले पर अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने सख्त प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ईरान या कोई भी दूसरा देश व्यावसायिक जहाजों से पैसे या टोल वसूलने की कोशिश नहीं कर सकता। उन्होंने इसे वॉशिंगटन के लिए एक ‘रेड लाइन’ बताया है और चेतावनी दी कि ऐसा करने से हालात और बिगड़ सकते हैं। वहीं, यूरोपीय संघ (EU) ने पहले ही कुछ ईरानी व्यक्तियों और संस्थाओं पर पाबंदी लगाई है, क्योंकि वे जहाजों के आने-जाने के रास्ते में रुकावट डाल रहे थे।

मौजूदा हालात और खतरे

  • जहाजों की स्थिति: ट्रैकिंग डेटा से पता चला है कि चेतावनी के बाद कुछ तेल टैंकरों ने अपना रास्ता बदल लिया है और वे अब ईरान द्वारा बताए गए उत्तरी रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं।
  • हमले की खबर: Strait of Hormuz में ओमान के पास एक कार्गो जहाज पर किसी अनजान चीज से हमला हुआ है।
  • ट्रैफिक का हाल: फिलहाल जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है, लेकिन यह सामान्य स्तर से कम है। पिछले 24 घंटों में लगभग 20 मिलियन बैरल तेल इस रास्ते से गुजरा है।

यह पूरा घटनाक्रम उस समय हो रहा है जब अप्रैल 2026 से क्षेत्र में युद्धविराम (ceasefire) लागू है। इससे पहले फरवरी 2026 में ईरान और अमेरिका-इसराइल के बीच बड़ा युद्ध शुरू हुआ था। तनाव इतना बढ़ गया था कि जून 2026 में ईरान ने कुछ समय के लिए इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह बंद भी कर दिया था।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com