ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने अमेरिका को बेहद सख्त चेतावनी दी है। ईरान ने साफ कहा है कि अगर उनके तेल टैंकरों या कमर्शियल जहाजों पर कोई हमला हुआ, तो वे अमेरिका के मिलिट्री सेंटर्स और उसके जहाजों पर भारी हमला करेंगे। इस तनाव के बीच मिडिल ईस्ट में युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है और दुनिया की नज़रें अब दोनों देशों के अगले कदम पर हैं।

ईरान की धमकी और हमले की तैयारी क्या है?

IRGC ने शनिवार, 9 मई 2026 को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर यह चेतावनी जारी की। सिर्फ नेवी ही नहीं, बल्कि ईरान की IRGC एरोस्पेस डिवीजन ने भी बयान दिया है कि उनकी मिसाइलें और ड्रोन अमेरिकी ठिकानों और जहाजों पर लॉक हैं और वे बस हमले के ऑर्डर का इंतज़ार कर रहे हैं। यह गुस्सा इसलिए बढ़ा क्योंकि 8 मई को अमेरिका ने ओमान की खाड़ी में दो ईरानी टैंकरों पर हमला किया था। इसके अलावा, 10 मई की सुबह कतर के तट के पास एक जहाज पर अज्ञात मिसाइल से हमला हुआ, जिससे वहां आग लग गई।

Strait of Hormuz में क्या चल रहा है?

  • अमेरिकी नाकेबंदी: अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ में नेवल ब्लॉकेड (नौसैनिक नाकेबंदी) लागू कर रखी है।
  • ईरान का नियंत्रण: ईरान ने 28 फरवरी 2026 से इस रास्ते पर अपना कंट्रोल कड़ा कर दिया है और इजराइल या अमेरिका से जुड़े जहाजों को रास्ता नहीं दे रहा है।
  • US सेंट्रल कमांड का डेटा: अमेरिकी कमांड के मुताबिक, ब्लॉकेड शुरू होने के बाद से 58 कमर्शियल जहाजों को रास्ता बदलना पड़ा और 4 जहाजों को निष्क्रिय किया गया।
  • ब्रिटेन की एंट्री: ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय ने HMS Dragon डिस्ट्रॉयर को मिडिल ईस्ट भेजा है ताकि जहाजों की सुरक्षा की जा सके।

क्या शांति के लिए कोई बातचीत हो रही है?

तनाव के बावजूद पर्दे के पीछे बातचीत चल रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वे ईरान के जवाब का इंतज़ार कर रहे हैं और तेहरान को समझदारी दिखाने की सलाह दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने पुष्टि की है कि उनका मंत्रालय अमेरिका के शांति प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है। इस मामले में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जबकि कतर और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने दोनों देशों से ज़िम्मेदारी दिखाने और डिप्लोमेसी से मामला सुलझाने की अपील की है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz में तनाव क्यों बढ़ा हुआ है?

अमेरिका ने 13 अप्रैल 2026 से यहां नाकेबंदी की है, जबकि ईरान ने फरवरी से ही इजराइल और अमेरिका से जुड़े जहाजों का रास्ता रोका हुआ है।

ईरान ने अमेरिका को क्या धमकी दी है?

ईरान की IRGC ने कहा है कि अगर उनके तेल टैंकरों पर हमला हुआ, तो वे अमेरिका के मिलिट्री सेंटर्स और जहाजों को अपनी मिसाइलों और ड्रोन्स से तबाह कर देंगे।