ईरान की Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने अलर्ट जारी किया है। उन्होंने कहा है कि अभी भले ही शांति दिख रही है, लेकिन यह एक ‘खामोश युद्ध’ जैसा है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अमेरिका द्वारा घोषित युद्धविराम को नहीं मानता और दुश्मन की हर हरकत पर नजर रख रहा है।

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ईरान ने Gulf देशों और अमेरिका को क्या चेतावनी दी?

IRGC के कमांडर Majid Mousavi ने ईरान के दक्षिणी पड़ोसी देशों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर इन देशों की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए हुआ, तो वहां के तेल उत्पादन को खतरा हो सकता है। ईरान ने साफ किया कि उसकी सेना हाई अलर्ट पर है और किसी भी नए हमले का करारा जवाब दिया जाएगा।

अमेरिका के साथ बातचीत क्यों नहीं हुई?

पाकिस्तान के माध्यम से अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत होनी थी, लेकिन ईरान ने इसमें शामिल होने से मना कर दिया। ईरान का कहना है कि अमेरिका ने उनके एक जहाज को जब्त किया है, जिसे उन्होंने ‘समुद्री डकैती’ बताया है। इसी वजह से ईरान ने इस्लामाबाद जाने वाले अपने प्रतिनिधिमंडल को रद्द कर दिया और अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance का दौरा भी कैंसिल हो गया।

अमेरिका की क्या स्थिति है और ceasefire का क्या हुआ?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने युद्धविराम (ceasefire) को आगे बढ़ाने की बात कही थी, लेकिन उन्होंने नौसेना के जरिए नाकेबंदी जारी रखी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान के साथ पिछले संघर्ष के बाद अमेरिका के मिसाइल स्टॉक में काफी कमी आई है। ईरान ने शर्त रखी है कि जब तक अमेरिका दबाव बनाना बंद नहीं करेगा, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी।