ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिका और इसराइल को खुली चेतावनी दी है। IRGC ने कहा है कि अगर दोबारा हमला हुआ तो इसका जवाब उम्मीद से कहीं ज़्यादा खतरनाक होगा। यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब क्षेत्र में तनाव पहले से ही बहुत ज़्यादा है और सेनाएं पूरी तरह अलर्ट पर हैं।

IRGC ने क्या चेतावनी दी है और क्यों

ईरान की सेना (IRGC) ने अपनी स्थापना की सालगिरह के मौके पर यह बयान जारी किया। उन्होंने साफ कहा कि वे किसी भी हमले का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और इस समय उनकी तैयारी चरम पर है। IRGC ने चेतावनी दी कि अगर दोबारा हमला हुआ तो वे दुश्मनों की संपत्तियों पर ऐसी चोट करेंगे जिसकी कल्पना भी नहीं की गई होगी। उन्होंने इसे निर्णायक और तुरंत होने वाली कार्रवाई बताया और कहा कि दुश्मन को ऐसे सरप्राइज मिलेंगे जो उनकी सोच से परे होंगे।

युद्ध और सीज़फायर का अब तक का पूरा मामला

  • 28 फरवरी को अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हमला किया था, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता आयतउल्लाह सैयद अली खमेनी और कई बड़े सैन्य कमांडर मारे गए थे।
  • 40 दिनों तक चले इस युद्ध के बाद, पाकिस्तान की मध्यस्थता से 8 अप्रैल को अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के लिए सीज़फायर हुआ था।
  • युद्धविराम के बाद बातचीत हुई लेकिन इसे स्थायी रूप से खत्म करने के लिए कोई ठोस नतीजा नहीं निकला।
  • हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस सीज़फायर की समय सीमा को बढ़ाने का ऐलान किया है।
  • IRGC का दावा है कि उनके हमलों से अमेरिका और इसराइल के सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुँचा है और वे अब भी रणनीतिक बढ़त बनाए हुए हैं।

ओमान के पास हमला और मिसाइल प्रदर्शन की सच्चाई

22 अप्रैल 2026 को ओमान के उत्तर-पूर्वी इलाके में IRGC की एक गनबोट ने एक कंटेनर जहाज पर फायरिंग की। UKMTO एजेंसी के मुताबिक इस हमले से जहाज के ब्रिज को काफी नुकसान पहुँचा है। इसी दौरान ईरान की सरकारी मीडिया ने वीडियो जारी किए जिसमें तेहरान, केरमान और अराक जैसे शहरों में मिसाइल प्रदर्शन किया गया। इन प्रदर्शनों में हिज़्बुल्लाह के झंडे लगाए गए और अमेरिका व इसराइल विरोधी नारे लगाए गए।