ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दुनिया को चेतावनी दी है कि अगर दुश्मन ने कोई भी गलत कदम उठाया तो उसका जवाब बहुत सख्त और करारा होगा। यह चेतावनी 3 जुलाई 2026 को आई है, जब ईरान अपने पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला सयेद अली खामनेई के जनाजे की तैयारी कर रहा है। ईरान ने साफ कर दिया है कि उसकी सेना पूरी तरह तैयार है और किसी भी हिमाकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सेना की तैयारी और अधिकारियों की चेतावनी
ईरान की सेना के संयुक्त कमांड के कमांडर अली अब्दुल्लाही ने सीधे तौर पर अमेरिका और इसराइल को धमकी दी है। उन्होंने कहा कि जनाजे के इस हफ्ते के दौरान किसी भी तरह की गलती या हमला बेहद दुखद नतीजे लाएगा। वहीं, संसद स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबफ ने भी साफ किया कि वे अमेरिका को हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के प्रबंधन में दखल नहीं देने देंगे। उन्होंने जनता से सुप्रीम लीडर के जनाजे में बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील की है।
समुद्री रास्तों पर सख्त पहरा
समुद्री रास्तों को लेकर भी ईरान ने कड़ा रुख अपनाया है। 2 जुलाई को ईरान के सैन्य कमांड ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले टैंकरों को चेतावनी दी कि अगर वे ईरान द्वारा तय किए गए रास्तों से भटके, तो सेना उनके खिलाफ तुरंत और जोरदार कार्रवाई करेगी।
परमाणु प्रतिबद्धता और अंतरराष्ट्रीय दबाव
परमाणु समझौतों पर भी संकट मंडरा रहा है। संसद की सुरक्षा समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रजाई ने संकेत दिया कि अगर इसराइल ने नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामनेई को निशाना बनाने की धमकी दी, तो ईरान अपने परमाणु वादों पर फिर से विचार कर सकता है। दूसरी ओर, कतर में अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इन बातचीत में प्रगति का दावा किया है, हालांकि संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी राजदूत माइकल वाल्ट्ज़ ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप का धैर्य सीमित है।
राजनयिक हलचल और आंतरिक विवाद
- संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची को सुप्रीम लीडर की मौत पर संवेदना भेजी और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की।
- कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच अगली बैठक जनाजे के कार्यक्रमों के बाद होगी।
- ईरान के भीतर भी विवाद देखा गया, जहाँ उपराष्ट्रपति मोहम्मद-जाफर गामपनाह की एक टिप्पणी पर कट्टरपंथियों ने नाराजगी जताई है।
