ईरान के इस्फ़हान शहर में आज तड़के भारी बमबारी की खबरें आई हैं जिसमें वहां की मुख्य स्टील फैक्ट्रियों और बिजली घरों को निशाना बनाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी और इजरायली सेना ने मिलकर इन हमलों को अंजाम दिया है जिससे ईरान के औद्योगिक ढांचे को काफी नुकसान पहुँचा है। इस्फ़हान के साथ-साथ खुज़ेस्तान और कई अन्य शहरों में भी धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं और राहत बचाव की टीमें मौके पर भेजी गई हैं।
हमलों में किन जगहों को निशाना बनाया गया?
ताज़ा जानकारी के अनुसार इस्फ़हान में मौजूद Foolad Mobarakeh और खुज़ेस्तान की Foolad Khuzestan स्टील फैक्ट्रियों पर सीधा हमला हुआ है। इसके अलावा इन फैक्ट्रियों को बिजली देने वाले पावर स्टेशन और गैस सप्लाई लाइनों को भी नुकसान पहुँचाया गया है। रिपोर्ट बताती है कि हमले की वजह से कई रिहायशी इलाकों में भी तबाही हुई है जिससे आम जनता को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
| शहर का नाम | नुकसान की जानकारी |
|---|---|
| Isfahan | स्टील फैक्ट्री, बिजली घर और रिहायशी इलाके |
| Khuzestan | स्टील उत्पादन इकाई को नुकसान |
| Khurramshahr | गैस पाइपलाइन को निशाना बनाया गया |
| Tehran, Qom, Tabriz | धमाकों की रिपोर्ट मिली है |
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का क्या कहना है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने एक बयान में कहा है कि उन्होंने ईरान के ऊर्जा ठिकानों को निशाना बनाने की समय सीमा को अब 6 अप्रैल 2026 तक बढ़ा दिया है। ट्रंप का दावा है कि तेहरान की तरफ से बातचीत की गुजारिश की गई थी और फिलहाल चर्चा सकारात्मक दिशा में चल रही है। हालांकि ईरान के कुछ अधिकारियों ने इन दावों को मनोवैज्ञानिक युद्ध करार दिया है लेकिन यह भी खबर है कि ईरान एक 15 सूत्री अमेरिकी प्रस्ताव पर विचार कर रहा है।
- ईरान ने युद्ध रोकने के लिए मुआवजे सहित 5 मुख्य शर्तें रखी हैं।
- बीते दिन हुए हमलों में करीब 26 लोगों की मौत की खबर आई थी।
- इस्फ़हान में गैस मैनेजमेंट की इमारतों को भी नुकसान पहुँचा है।
- अमेरिकी सेना की डेडलाइन के बीच तनाव कम करने की कोशिशें भी जारी हैं।
