ईरान के इस्फ़हान शहर में 1 अप्रैल 2026 को कई बड़े धमाके हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी और इज़रायली सेना ने ईरान के सैन्य ठिकानों और न्यूक्लियर साइट्स को निशाना बनाया है। इस हमले के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और इसका सीधा असर कुवैत और यूएई की सुरक्षा पर भी देखा जा रहा है। अमेरिका ने इस हमले को अपनी रणनीति का हिस्सा बताया है, जबकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

ईरान पर हमले और अमेरिका का क्या है कहना?

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस्फ़हान के पास हुए हवाई हमलों को सफल बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि उन्हें उम्मीद है कि ईरान में अमेरिकी सैन्य अभियान अगले दो से तीन हफ्तों में खत्म हो जाएगा। इस्फ़हान में हुए इन धमाकों में सेना के हथियारों के डिपो और दवा बनाने वाली फैक्ट्रियों को नुकसान पहुंचा है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio का दावा है कि इन हमलों के बाद ईरान काफी कमजोर हो गया है। हालांकि, अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वे अभी भी ईरानी नेताओं के साथ बातचीत के रास्ते खुले रखे हुए हैं।

खाड़ी देशों पर क्या पड़ा असर और ईरान की चेतावनी?

इस जंग की तपिश अब पड़ोसी खाड़ी देशों तक पहुंच गई है। पिछले 24 घंटों में कई बड़ी घटनाएं हुई हैं जो वहां रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय लोगों के लिए चिंता का विषय हैं।

  • Kuwait: कुवैत के इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ईरानी ड्रोन हमले के बाद फ्यूल टैंक में भीषण आग लग गई।
  • Dubai Port: दुबई पोर्ट पर एक कुवैती तेल टैंकर को निशाना बनाया गया जिससे वहां आग लग गई।
  • Qatar: कतर के तट के पास एक टैंकर पर ईरान की ओर से मिसाइल दागी गई है।
  • Tech Companies: ईरान के IRGC ने Apple, Google और Meta जैसी अमेरिकी कंपनियों पर हमला करने की धमकी दी है।

युद्ध का आम जनता और अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

इस संघर्ष की वजह से दुनिया भर में तेल और गैस की कीमतों में भारी उछाल आया है। पेट्रोल के दाम 4 डॉलर प्रति गैलन के पार चले गए हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर हालात जल्द नहीं सुधरे तो महंगाई और बढ़ सकती है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए भी यह स्थिति तनावपूर्ण है, क्योंकि विमान सेवाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर इसका सीधा असर पड़ रहा है।

देश/क्षेत्र ताज़ा स्थिति
Lebanon इजरायली हमलों में बेरूत में सात लोगों की जान गई है।
Saudi & UAE छह अरब देशों ने बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों की निंदा की है।
Iraq इराक ने कहा है कि उसकी ज़मीन का इस्तेमाल पड़ोसी देशों पर हमले के लिए नहीं होना चाहिए।
Global Economy तेल और गैस की सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है।