1 अप्रैल 2026 को ईरान के इस्फहान और तेहरान सहित कई बड़े शहरों में जोरदार धमाके सुने गए। इन हमलों की जिम्मेदारी अमेरिकी अधिकारियों और इजरायली सेना ने ली है। रिपोर्ट के अनुसार, यह हमले ईरान के सैन्य ठिकानों, मिसाइल गोदामों और अन्य रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए हैं। सऊदी न्यूज द्वारा सोशल मीडिया पर साझा की गई जानकारी के बाद इन धमाकों की पुष्टि हुई है।
ईरान के किन शहरों में हुए धमाके और क्या नुकसान हुआ?
ईरान के विभिन्न हिस्सों में एक साथ रात के समय भारी बमबारी की खबरें मिली हैं। धमाकों की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि कई शहरों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अमेरिकी और इजरायली सेना ने मुख्य रूप से उन ठिकानों को चुना है जहाँ ईरान अपनी मिसाइलें और हथियार जमा करता है।
| शहर का नाम | प्रभावित क्षेत्र/नुकसान |
|---|---|
| इस्फहान (Isfahan) | हथियार डिपो और मुख्य सैन्य परिसर पर हमला |
| तेहरान (Tehran) | पुराना अमेरिकी दूतावास भवन और पश्चिमी क्षेत्र में धमाके |
| काशान (Kashan) | नागरिक हवाई अड्डे को भारी नुकसान पहुँचा |
| शाहिन शहर (Shahin Shahr) | मिसाइल गोदामों को निशाना बनाया गया |
| शिराज और करज | हवाई हमलों के बाद जोरदार विस्फोट दर्ज किए गए |
| अहवाज़ और बुशहर | तटीय इलाकों और औद्योगिक केंद्रों पर हमला |
अमेरिका और इजराइल ने हमले को लेकर क्या कहा?
अमेरिकी अधिकारियों ने पुष्टि की है कि उन्होंने इस्फहान में एक बड़े गोला-बारूद भंडार पर हमला करने के लिए विशेष हथियारों का इस्तेमाल किया है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी सोशल मीडिया पर इन हमलों के वीडियो साझा किए हैं। अमेरिकी सेना का कहना है कि उनका मुख्य लक्ष्य ईरान की मिसाइल बनाने की क्षमता को पूरी तरह खत्म करना है ताकि वह भविष्य में हमले न कर सके।
इजरायली सेना (IDF) ने भी आधिकारिक बयान जारी कर कहा है कि उनके बलों ने पूरे ईरान में बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए हमले किए हैं। यह कार्रवाई ईरान द्वारा इजराइल की ओर दागी गई मिसाइलों के जवाब में की गई है। दूसरी तरफ, ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया है कि उन्होंने अब तक 150 से अधिक विदेशी ड्रोन मार गिराए हैं। ईरान में मौजूद भारतीय और अन्य विदेशी प्रवासियों को सलाह दी गई है कि वे स्थानीय दूतावास के निर्देशों का पालन करें।
