ईरान के Isfahan प्रांत में अमेरिकी और इजरायली हमलों से कई पुरानी और ऐतिहासिक इमारतें टूट गई हैं। अब ईरान की सरकार इस नुकसान के लिए कानूनी रास्ता अपनाने जा रही है। गवर्नर और मंत्रियों ने बताया है कि इस हमले में सांस्कृतिक विरासत को भारी चोट पहुँची है और इसकी मरम्मत की सख्त जरूरत है।

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कितना हुआ नुकसान और क्या है ईरान का दावा?

Isfahan के गवर्नर Mehdi Jamalinejad ने जानकारी दी कि शहर के ग्रैंड बाज़ार के पास 203 जगहें और 28 ऐतिहासिक स्मारकों को नुकसान पहुँचा है। सांस्कृतिक विरासत मंत्री सैयद रज़ा सालेही अमीरी ने बताया कि पूरे देश में कुल 131 स्थल क्षतिग्रस्त हुए हैं। इनमें से 61 जगहें Tehran में हैं, जिनमें यूनेस्को की लिस्ट में शामिल गोलेस्तान पैलेस भी है।

किन अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से मांगी मदद?

ईरान ने इस मामले में संयुक्त राष्ट्र (UN), हेग, UNESCO, ISESCO और ICOM जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय संगठनों के साथ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। विदेश मंत्रालय के उप मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन बताया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह हमला उनकी सभ्यता और सांस्कृतिक पहचान को मिटाने की कोशिश है।

ताज़ा स्थिति और यूनेस्को की अपील

ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक Isfahan के मीदान इमाम और मस्जिदे-जामे जैसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल सुरक्षित हैं। 18 अप्रैल 2026 को विश्व विरासत दिवस मनाया गया, जिसमें संघर्ष क्षेत्रों में विरासत की सुरक्षा पर जोर दिया गया। UNESCO ने भी सभी पक्षों से अपील की है कि युद्ध के दौरान धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को निशाना न बनाया जाए।

हमलों और नुकसान का विवरण नीचे दी गई टेबल में है:

विवरण जानकारी
Isfahan (ग्रैंड बाज़ार के पास) 203 स्थान क्षतिग्रस्त
Isfahan (ऐतिहासिक स्मारक) 28 स्मारक क्षतिग्रस्त
कुल क्षतिग्रस्त स्थल 131
Tehran में क्षतिग्रस्त स्थल 61
प्रमुख क्षतिग्रस्त इमारत गोलेस्तान पैलेस
सुरक्षित धरोहर स्थल मीदान इमाम और मस्जिदे-जामे
कानूनी सहायता के लिए संगठन UN, UNESCO, हेग, ISESCO, ICOM
Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.