ईरान के इस्फ़हान प्रांत में पिछले 24 घंटों के दौरान तनाव काफी बढ़ गया है। 6 अप्रैल 2026 को मिली जानकारी के अनुसार यहाँ एक तेल डिपो और देश के सबसे बड़े पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाकर बमबारी की गई है। सऊदी न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक यह हमला काफी बड़ा था जिसके बाद पूरे इलाके में अलर्ट जारी कर दिया गया है। ईरान की सेना और रिवोल्यूशनरी गार्ड्स इस समय हाई अलर्ट पर हैं और जवाबी कार्रवाई की बात कह रहे हैं।

ℹ️: Saudi Arabia Attack: सऊदी अरब ने हवा में ही मार गिराए 2 ड्रोन और 1 मिसाइल, रक्षा मंत्रालय ने दी हमले की जानकारी.

इस्फ़हान में हुए हमलों और ईरान की कार्रवाई का विवरण

ईरान ने दावा किया है कि उन्होंने इस्फ़हान के पास एक अमेरिकी रेस्क्यू ऑपरेशन को पूरी तरह फेल कर दिया है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार उन्होंने इस दौरान अमेरिका के चार बड़े सैन्य विमानों को मार गिराया है। इसमें दो सी-100 ट्रांसपोर्ट विमान और दो ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर शामिल हैं। इसके साथ ही एक एमक्यू-9 रीपर ड्रोन को भी मार गिराने का दावा किया गया है। ईरान का कहना है कि अमेरिका दक्षिण इस्फ़हान से यूरेनियम चोरी करने की कोशिश कर रहा था जिसे नाकाम कर दिया गया।

विमान या ड्रोन का नाम संख्या ईरान का दावा
सी-100 (C-100) विमान 2 मार गिराया गया
ब्लैक हॉक हेलीकॉप्टर 2 मार गिराया गया
MQ-9 रीपर ड्रोन 1 नष्ट किया गया
कुल ड्रोन और मिसाइल 168 पूरे देश में गिराए गए

पेट्रोकेमिकल प्लांट की स्थिति और अमेरिकी चेतावनी

ईरान की पेट्रोकेमिकल कंपनी ने पुष्टि की है कि उनके सबसे बड़े मलबे पर बमबारी हुई है लेकिन अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। अधिकारियों ने बताया कि प्लांट में लगी आग को बुझा लिया गया है और किसी की जान नहीं गई है। दूसरी तरफ अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि सोमवार को ईरान पर अब तक के सबसे ज्यादा हमले किए जाएंगे। इस्फ़हान के काशान एयरपोर्ट और एक बारूद डिपो के पास भी कई धमाकों की खबर मिली है जिससे स्थानीय लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।

  • अमेरिका ने इस मिशन को एक साहसी रेस्क्यू ऑपरेशन बताया है।
  • ईरान ने इसे अपने परमाणु संसाधनों को बचाने की सफल कार्रवाई कहा है।
  • इजरायल की भूमिका को लेकर भी क्षेत्र में काफी चर्चा हो रही है।
  • हवाई सुरक्षा बलों के 4 अधिकारियों के मारे जाने की भी रिपोर्ट है।