ईरान ने एक बड़ा फैसला लिया है। वहां की Isfahan University of Technology पर हुए हमलों के बाद अब इसे एक म्यूजियम में बदला जाएगा। यह म्यूजियम अमेरिका और इसराइल की बमबारी से हुए नुकसान की कहानी बताएगा। सरकार चाहती है कि आने वाली पीढ़ियां इस तबाही को याद रखें।

यूनिवर्सिटी को म्यूजियम बनाने का क्या है प्लान?

Isfahan University of Technology के हेड Zafarollah Kalantari ने शनिवार को यह ऐलान किया। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी के जिस हिस्से को नुकसान पहुंचा है, उसे युद्ध म्यूजियम के तौर पर रखा जाएगा। इसे देश के इतिहास में वैज्ञानिक उत्पीड़न के एक दस्तावेज़ के रूप में देखा जाएगा। आधिकारिक IRNA न्यूज़ एजेंसी ने भी इस खबर की पुष्टि की है।

हमलों में कितना नुकसान हुआ और कौन सी जगहें प्रभावित हुईं?

मार्च 2026 में हुए अमेरिकी और इसराइली हमलों में यूनिवर्सिटी को काफी नुकसान हुआ। शुरुआती अंदाजे के मुताबिक, इमारतों और सुविधाओं को लगभग 11 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है। अधिकारियों ने बताया कि इस जंग में सिर्फ यही नहीं, बल्कि तेहरान समेत ईरान की 30 से ज्यादा यूनिवर्सिटीज और कई रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया था।

आगे यूनिवर्सिटी के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?

म्यूजियम बनाने के साथ-साथ पढ़ाई का काम भी जारी रहेगा। Zafarollah Kalantari ने कन्फर्म किया कि नई यूनिवर्सिटी बिल्डिंग बनाने के लिए अलग से जमीन दी गई है। साथ ही, छात्रों के लिए आधुनिक उपकरण और नई सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी। बता दें कि इस इलाके में 8 अप्रैल 2026 से युद्धविराम लागू है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Isfahan University of Technology को म्यूजियम क्यों बनाया जा रहा है?

इसे अमेरिका और इसराइल के हमलों के प्रभाव को दिखाने और वैज्ञानिक उत्पीड़न के दस्तावेज़ के तौर पर संजोकर रखने के लिए म्यूजियम बनाया जा रहा है।

हमलों में यूनिवर्सिटी को कितना आर्थिक नुकसान हुआ?

शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, यूनिवर्सिटी की इमारतों और सुविधाओं को करीब 11 मिलियन डॉलर का नुकसान हुआ है।