ईरान और इज़राइल के बीच चल रहा तनाव अब और भी खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। 29 मार्च 2026 को ईरान की तरफ से इज़राइल के दक्षिणी हिस्से बीरशेबा (Beersheba) पर मिसाइलों से बड़ा हमला किया गया। इज़राइली मीडिया के मुताबिक इस हमले के दौरान आसमान से गिरे मलबे की चपेट में आने से कम से कम चार लोग मामूली रूप से घायल हुए हैं। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि ईरान की ओर से मिसाइलों की कई लहरें भेजी गई थीं जिन्हें रोकने के लिए डिफेंस सिस्टम का इस्तेमाल किया गया।

👉: Saudi Arabia और 4 देशों की इस्लामाबाद में बड़ी बैठक, मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने की तैयारी

हमले में कहां हुआ नुकसान और क्या है ताजा हालात?

ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों का मलबा बीरशेबा के पास नियोत होवाव (Neot Hovav) औद्योगिक क्षेत्र में गिरा। यहां स्थित ADAMA कंपनी के माख्तेशिम (Makhteshim) केमिकल प्लांट में एक कीटनाशक टैंक पर मलबा गिरने से भीषण आग लग गई। हालांकि फायर सर्विस ने समय रहते आग पर काबू पा लिया और आसपास के लोगों को वहां से हटा दिया गया जिससे कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई।

इस हमले का असर सिर्फ इज़राइल तक ही सीमित नहीं रहा बल्कि पड़ोसी देशों में भी अफरा-तफरी देखी गई:

  • Kuwait: कुवैत के एक मिलिट्री कैंप पर ईरानी मिसाइल गिरने से 10 सैनिक घायल हुए और संपत्ति को नुकसान पहुंचा।
  • Jordan: जॉर्डन की वायु सेना ने अपनी सीमा में दाखिल हुई एक मिसाइल और दो ड्रोन को मार गिराया।
  • Yemen: यमन के हूती विद्रोहियों ने भी इज़राइल की ओर मिसाइलें और ड्रोन दागने की पुष्टि की है।

इज़राइल की जवाबी कार्रवाई और शांति के लिए कूटनीतिक कोशिशें

इज़राइली सेना ने इस हमले के जवाब में तेहरान में ईरान के रक्षा मंत्रालय से जुड़ी एक अहम मिसाइल फैक्ट्री पर रात भर बमबारी की। इज़राइल का कहना है कि यह प्लांट बैलिस्टिक मिसाइल के पुर्जे बनाने के काम आता था। वहीं दूसरी तरफ ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी है कि अगर उसने ज़मीनी हमला किया तो उसके अंजाम बहुत बुरे होंगे। ईरान ने क्षेत्र में स्थित अमेरिकी यूनिवर्सिटी की शाखाओं को भी निशाना बनाने की धमकी दी है।

बिगड़ते हालात को देखते हुए पाकिस्तान के इस्लामाबाद में एक बड़ी बैठक बुलाई गई। इसमें सऊदी अरब, पाकिस्तान, तुर्किये और मिस्र के विदेश मंत्रियों ने हिस्सा लिया। इन देशों के नेताओं ने युद्ध को रोकने और शांति बहाल करने के लिए बातचीत की। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह स्थिति चिंताजनक है क्योंकि लगातार हो रहे इन हमलों से हवाई उड़ानों और सुरक्षा पर असर पड़ने की संभावना है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.