ईरान के यज्द में परमाणु प्लांट पर हमला, इज़राइल और अमेरिका पर लगा बड़ा आरोप
ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने दावा किया है कि यज्द प्रांत में स्थित उनके ‘येलोकेक’ (Yellowcake) उत्पादन संयंत्र पर अमेरिका और इज़राइल ने हमला किया है। यह जानकारी 27 मार्च 2026 को सामने आई है जिसके बाद क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ गया है। इज़राइली सेना ने भी इस बात की पुष्टि की है कि उन्होंने यज्द में ईरान के एक मुख्य मिसाइल उत्पादन केंद्र को निशाना बनाया है। इस घटना से खाड़ी देशों में सुरक्षा को लेकर चिंताएं पैदा हो गई हैं।
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हमले और हालिया स्थिति से जुड़े मुख्य तथ्य
- इज़राइली सेना के अनुसार, यज्द में स्थित जिस जगह पर हमला किया गया वह मिसाइल और नौसैनिक माइन बनाने का मुख्य केंद्र था।
- ईरानी परमाणु ऊर्जा संगठन ने इसे परमाणु सामग्री से जुड़ा प्लांट बताया है जहाँ ‘येलोकेक’ का उत्पादन होता है।
- इज़राइल के रक्षा मंत्री यिस्रायल काट्ज़ ने कहा है कि आने वाले दिनों में ईरान पर हमलों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है।
- अस्फहान और खुज़ेस्तान के स्टील प्लांट पर भी हमले की खबरें सामने आई हैं।
- अमेरिका का पेंटागन विभाग मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य ताकत बढ़ाने के लिए 10,000 अतिरिक्त सैनिक भेजने पर विचार कर रहा है।
ईरान और इज़राइल के बीच बढ़ते तनाव का घटनाक्रम
पिछले कुछ दिनों में ईरान और इज़राइल के बीच सैन्य टकराव में काफी तेज़ी देखी गई है। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इज़राइल के कई हिस्सों में मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं जिससे यरूशलेम और नेगेव जैसे इलाकों में सायरन बजाए गए। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को ईरान ने बुशहर परमाणु संयंत्र के पास गिरे प्रोजेक्टाइल के बारे में भी जानकारी दी है। वर्तमान स्थिति को देखते हुए खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और प्रवासियों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किए जा रहे हैं।
| तारीख | घटना | स्थान |
|---|---|---|
| 24 मार्च 2026 | बुशहर परमाणु संयंत्र के पास हमला | बुशहर, ईरान |
| 27 मार्च 2026 | येलोकेक उत्पादन संयंत्र पर हमला | यज्द, ईरान |
| 27 मार्च 2026 | स्टील प्लांट पर हमला | अस्फहान, ईरान |
| 27 मार्च 2026 | मिसाइल चेतावनी सायरन | यरूशलेम, इज़राइल |




