ईरान और इजरायल के बीच चल रहा संघर्ष अब और भी खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। 1 अप्रैल 2026 को ईरान ने इजरायल की ओर लगभग 10 शक्तिशाली बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। इस हमले के बाद इजरायल के कई शहरों में सायरन बजने लगे और लोग सुरक्षित जगहों की ओर भागने लगे। इस युद्ध की आंच अब धीरे-धीरे कुवैत, कतर और यूएई जैसे खाड़ी देशों तक भी पहुंच रही है, जिससे वहां रहने वाले लाखों भारतीय प्रवासियों और अन्य विदेशी कामगारों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

इजरायल में मिसाइल हमलों से जुड़ी मुख्य जानकारी क्या है?

इजरायली डिफेंस फोर्सेस (IDF) ने पुष्टि की है कि ईरान से आई ज्यादातर मिसाइलों को उनकी वायु रक्षा प्रणालियों ने हवा में ही नष्ट कर दिया। हालांकि, कुछ मिसाइलें रिहायशी इलाकों में गिरीं, जिससे संपत्तियों को काफी नुकसान पहुंचा है। Petah Tikva और Rosh Haayin जैसे शहरों में घरों और कारों के टूटने की खबर है। यमन के हूती गुट ने भी इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा है कि उन्होंने ईरान और लेबनान के हिजबुल्लाह के साथ मिलकर यह बड़ी कार्रवाई की है। दमिश्क के पास भी धमाकों की आवाजें सुनी गई हैं, जो इजरायली इंटरसेप्शन के कारण हुए थे।

खाड़ी देशों और प्रवासियों पर युद्ध का क्या असर हुआ?

यह तनाव केवल इजरायल और ईरान तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि इसका असर अब पड़ोसी गल्फ देशों पर भी सीधा दिखने लगा है। खाड़ी क्षेत्र में काम करने वाले प्रवासियों के लिए सुरक्षा और यात्रा से जुड़ी चुनौतियां बढ़ सकती हैं। युद्ध की ताज़ा स्थिति नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती है:

देश प्रभाव और ताज़ा घटना
Kuwait कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के फ्यूल टैंक पर ड्रोन हमला हुआ, जिससे वहां भीषण आग लग गई।
Qatar कतर की सरकारी कंपनी QatarEnergy का एक तेल टैंकर ईरानी मिसाइल की चपेट में आ गया।
UAE यूएई ने समुद्री रास्तों (Strait of Hormuz) को सुरक्षित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय गठबंधन बनाने की मांग की है।
Bahrain बहरीन के एक ठिकाने पर हमले के बाद आग लगने की खबर आई है।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने स्पष्ट किया है कि अमेरिका के साथ युद्धविराम को लेकर कोई सीधी बातचीत नहीं चल रही है। वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि यह युद्ध अगले दो से तीन हफ्तों में खत्म हो जाएगा। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला मुजतबा खामेनेई ने भी घोषणा की है कि वे इजरायल विरोधी ताकतों का समर्थन करना बंद नहीं करेंगे।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.