7 जून 2026 को इसराइल और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। इसराइल द्वारा Lebanon की राजधानी Beirut पर किए गए हमले के बाद ईरान ने इसराइल पर ताबड़तोड़ बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दी हैं। इसके जवाब में इसराइली सेना ने भी ईरान के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इस बड़ी सैन्य हलचल के बाद पूरे Middle East में युद्ध का खतरा मंडराने लगा है और दोनों देशों के बीच जारी बातचीत पूरी तरह से रुक गई है।
ईरान ने दी सीधी जंग की चेतावनी और बंद किया अपना हवाई क्षेत्र
ईरान के संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने साफ तौर पर कहा है कि अगर लेबनान पर हमले नहीं रुके, तो वे शांति वार्ता को पूरी तरह से बंद कर देंगे और सीधे जंग के मैदान में उतरेंगे। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस मिसाइल हमले को केवल एक शुरुआती चेतावनी बताया है और कहा है कि अगर हमले दोबारा हुए तो वे अगले सात दिनों तक अमेरिकी और इसराइली ठिकानों को निशाना बनाते रहेंगे। इस हमले के तुरंत बाद ईरान ने अपने पश्चिमी हवाई क्षेत्र (airspace) को बंद कर दिया है।
इसराइल और अमेरिका का अगला कदम क्या होगा
इसराइली सेना के प्रवक्ता Brig. Gen. Effie Defrin ने कहा है कि ईरान ने यह हमला करके बहुत बड़ी गलती की है, जिसका खामियाजा उसे भुगतना होगा। वहीं दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से इस हमले का तुरंत सैन्य जवाब न देने की अपील की है, ताकि बातचीत का रास्ता पूरी तरह बंद न हो। ट्रंप ने ईरान को भी संदेश भेजा है कि अब मिसाइल दागना बंद करें और समझौते के लिए बातचीत की मेज पर लौटें। तनाव को देखते हुए इसराइल में मौजूद अमेरिकी दूतावास ने अपने कर्मचारियों को सुरक्षित बंकरों में रहने का निर्देश दिया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने इसराइल पर मिसाइल हमला क्यों किया?
इसराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत (Beirut) पर हवाई हमला किया था, जिसके जवाब में ईरान ने सीधे इसराइल पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं और इसे अपनी आत्मरक्षा की कार्रवाई बताया है।
इस तनाव पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा है?
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इसराइल को जवाबी हमला न करने की सलाह दी है और ईरान से कहा है कि वे अपनी मिसाइल कार्रवाई रोककर बातचीत की मेज पर वापस आएं।
