ईरान और इसराइल के बीच चल रहे तनाव के बीच अब सीज़फ़ायर यानी युद्धविराम पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। प्रोफेसर Kharazmi ने कहा कि इसराइल की पृष्ठभूमि नरसंहार वाली रही है और वह शांति के हर मौके को खत्म करना चाहता है। ईरान के लोग अमेरिका और इसराइल पर भरोसा नहीं कर पा रहे हैं, जिससे इस समझौते का भविष्य अधर में लटका हुआ है।

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ईरान को इस समझौते पर भरोसा क्यों नहीं है?

प्रोफेसर Kharazmi के मुताबिक, ईरान में लोग इस सीज़फ़ायर को लेकर काफी शंकित हैं। इसका बड़ा कारण अमेरिका और इसराइल का पुराना आक्रामक इतिहास है। ईरान के कई विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका एक भरोसेमंद साथी नहीं है। साथ ही, इसराइल द्वारा बार-बार सीज़फ़ायर के नियमों को तोड़ने की वजह से आम जनता में भी डर और संदेह बना हुआ है।

लेबनान और होर्मुज़ जलडमरूमध्य में क्या विवाद हुआ?

सीज़फ़ायर की घोषणा के बाद भी इसराइल ने लेबनान में भारी हमले जारी रखे, जिसमें कई लोग मारे गए। प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने साफ़ कह दिया कि यह सीज़फ़ायर लेबनान और Hezbollah पर लागू नहीं होता। जवाब में ईरान ने कुछ समय के लिए Strait of Hormuz को बंद कर दिया क्योंकि इसराइल ने उसके Lavan Island एनर्जी सेंटर पर हमला किया था। अमेरिका ने इस बात से इनकार किया कि जलमार्ग बंद था।

सीज़फ़ायर से जुड़ी मुख्य जानकारियां

संस्था/व्यक्ति भूमिका और स्थिति
Pakistan प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने शुरुआती सीज़फ़ायर डील का ऐलान किया
USA डोनाल्ड ट्रंप और JD Vance बातचीत में शामिल, लेबनान को डील से बाहर बताया
Israel लेबनान में हमले जारी रखे, सीज़फ़ायर को Hezbollah पर लागू नहीं माना
Iran अमेरिका और इसराइल पर नियमों के उल्लंघन का आरोप लगाया
Hezbollah इसराइल के हमलों का मुख्य निशाना बना
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com