ईरान और इज़राइल के बीच चल रहा संघर्ष अब और भी गंभीर होता जा रहा है। ईरान की IRGC ने इज़राइल के प्रमुख शहरों और खाड़ी क्षेत्र में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलों की 37वीं लहर के साथ हमला किया है। यह तनाव 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था और अब तक इसमें दोनों तरफ से भारी सैन्य कार्रवाई की जा चुकी है। ताज़ा हमलों के बाद खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और स्थानीय नागरिकों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

इन इलाकों को बनाया गया निशाना

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के अनुसार इज़राइल के तीन बड़े शहरों Haifa, Tel Aviv और Jerusalem को निशाना बनाकर मिसाइलें दागी गई हैं। इसके अलावा खाड़ी के देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर भी प्रहार किया गया है। इराक के कुर्दिस्तान क्षेत्र में स्थित Erbil और बहरीन की राजधानी Manama में अमेरिकी सैन्य बेस पर हमले की खबर है। बहरीन में मौजूद US Naval Support Activity के हेडक्वार्टर को इन हमलों से नुकसान पहुँचा है।

अब तक हुए नुकसान का डेटा

28 फरवरी से शुरू हुई इस जंग में अब तक जान-माल का काफी नुकसान हो चुका है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों के लिए यह जानना जरूरी है कि किन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा असर पड़ा है। आधिकारिक रिपोर्ट के मुताबिक स्थिति इस प्रकार है:

क्षेत्र प्रभाव और नुकसान
Israel 11 लोगों की मौत और 1,000 से ज्यादा घायल हुए
UAE 3 लोगों की मौत और 94 लोग घायल हुए
Bahrain Manama में रिहायशी इमारत और तेल रिफाइनरी पर हमला
Military इज़राइल ने ईरान के 300 से ज्यादा मिसाइल लॉन्चर नष्ट किए

ऊर्जा ठिकानों और प्रवासियों पर असर

ईरानी हमलों ने खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को भी प्रभावित किया है। बहरीन पेट्रोलियम कंपनी की रिफाइनरी के पास भी हमले दर्ज किए गए हैं। बहरीन के अल सीफ इलाके में एक रिहायशी इमारत पर ड्रोन गिरने से आम नागरिकों को नुकसान पहुँचा है। UAE और कतर ने अपनी रक्षा प्रणालियों की मदद से कई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही मार गिराया है। खाड़ी में काम करने वाले प्रवासियों को सलाह दी जा रही है कि वे स्थानीय सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।