ईरान और इसराइल के बीच जारी जंग से विमान सेवाएं ठप, 31 अक्टूबर तक हवाई मार्ग बंद रहने की चेतावनी

अमेरिका और इसराइल के साथ ईरान के बीच छिड़े टकराव ने पूरी दुनिया में हवाई यात्रा पर बड़ा संकट खड़ा कर दिया है। 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इन सैन्य हमलों और तनाव के कारण मिडिल ईस्ट का आसमान अब सुरक्षित नहीं रह गया है, जिसका सीधा असर भारत समेत दुनिया भर के यात्रियों पर पड़ रहा है। लगातार जारी तनाव के बीच एयरलाइंस को अपना रास्ता बदलना पड़ रहा है, जिससे टिकट के दाम महंगे हो रहे हैं और सफर में भी ज्यादा समय लग रहा है।
विमानन सुरक्षा पर प्रशासन का कड़ा रुख
यूरोपीय संघ की एजेंसी EASA (European Union Aviation Safety Agency) ने सभी यूरोपीय एयरलाइंस को ईरान के हवाई क्षेत्र से दूर रहने की सख्त सलाह दी है। यह एडवाइजरी 31 अक्टूबर 2026 तक लागू रहेगी। भले ही जून में ईरान ने अपने तेहरान फ्लाइट इंफॉर्मेशन रीजन के कुछ हिस्सों को दोबारा खोला था, लेकिन पश्चिमी हिस्सा अभी भी पूरी तरह बंद है। विमानन अधिकारियों का साफ कहना है कि जब तक सुरक्षा की स्थिति सुधर नहीं जाती, तब तक किसी भी जोखिम से बचना ही सबसे बेहतर उपाय है।
प्रवासियों और यात्रियों के लिए अलर्ट
अमेरिकी विदेश विभाग ने मध्य पूर्व के 11 देशों में मौजूद अपने दूतावासों के जरिए अलर्ट जारी किया है। 1 और 5 अगस्त 2026 को दी गई इन चेतावनियों में साफ कहा गया है कि लोग अपनी यात्रा की योजना बहुत सोच-समझकर बनाएं क्योंकि उड़ानों में अचानक बदलाव या पूरी तरह रद्दीकरण की संभावना बनी हुई है। इसका असर दुबई, दोहा और अन्य खाड़ी देशों से गुजरने वाली अंतरराष्ट्रीय फ्लाइट्स पर भी पड़ रहा है। KLM, Lufthansa, British Airways, Singapore Airlines, और Air France जैसी बड़ी एयरलाइंस ने सितंबर और अक्टूबर तक अपनी उड़ानों के शेड्यूल में बदलाव किया है। वहीं Emirates, Qatar Airways और Etihad भी सावधानी बरतते हुए अपनी उड़ानों का संचालन कर रही हैं।
जमीनी हकीकत और राजनयिक हलचल
जून 2026 में पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद युद्धविराम की कोशिशें हुई थीं, लेकिन अब भी आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला नहीं रुका है। ओमान के जरिए ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत की खबरें आ रही हैं, हालांकि ईरान के विदेश मंत्रालय ने सीधे संवाद की बात को खारिज किया है। राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने बताया कि सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei से संपर्क करना काफी मुश्किल हो गया है, क्योंकि वे हालिया हमलों के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे हैं। वहीं दूसरी ओर 6 अगस्त 2026 की रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी सेना के पास अब THAAD और Patriot मिसाइल इंटरसेप्टर की भारी कमी महसूस की जा रही है, जो इस लंबे खिंचते संघर्ष की गंभीरता को बयां करती है। जो प्रवासी या कामगार इन देशों की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें सलाह दी जाती है कि वे लगातार अपनी एयरलाइन के संपर्क में रहें और आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करें।