ईरान और इज़राइल के बीच जारी जंग ने अब नया मोड़ ले लिया है। ईरानी प्रशासन ने साफ कर दिया है कि देश में हो रहे किसी भी विरोध प्रदर्शन को अब नागरिक प्रदर्शन नहीं बल्कि ‘राज्य का दुश्मन’ माना जाएगा। इज़राइली सेना ने भी ईरान के अंदर मौजूद बासिज सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ हवाई हमले किए हैं। इस तनाव की वजह से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

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प्रदर्शनकारियों के खिलाफ ईरान सरकार का नया सख्त आदेश क्या है?

ईरान के नेशनल पुलिस चीफ अहमद-रज़ा रादान ने निर्देश जारी किया है कि सुरक्षा बल अपने हाथों को ट्रिगर पर रखें। सरकार का मानना है कि प्रदर्शन करने वाले लोग अमेरिका और इज़राइल के इशारे पर काम कर रहे हैं। ईरान की संसद से जुड़े सदस्यों ने सरकारी टीवी पर बताया है कि इज़राइल के लिए जासूसी करने वालों को देखते ही गोली मारने के आदेश दिए गए हैं। अब तक 80 से ज्यादा लोगों को विदेशी मीडिया को जानकारी और फुटेज भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। खुफिया मंत्रालय ने भी संदिग्ध जासूसी के आरोप में कई और गिरफ्तारियां की हैं।

इज़राइली हमलों का बासिज बलों और आम जनता पर क्या असर हुआ?

इज़राइल के रक्षा मंत्री ने बासिज अर्धसैनिक बलों को वैध सैन्य निशाना घोषित कर दिया है। पिछले कुछ दिनों में तेहरान, शिराज और इस्फहान के बासिज ठिकानों पर 12 चरणों में हवाई हमले हुए हैं। इज़राइली सेना ने बासिज सदस्यों के परिवारों को संदेश भेजकर अपने बेटों को हथियार छोड़ने की सलाह दी है। इस युद्ध जैसी स्थिति का असर आम जनता पर भी बहुत गहरा पड़ा है।

सुविधा वर्तमान स्थिति और सरकारी निर्देश
इंटरनेट सेवा ईरान के प्रमुख शहरों में पूरी तरह से इंटरनेट बंद किया गया
बिजली और ईंधन फ्यूल डिपो पर हमले के बाद पेट्रोल और बिजली की राशनिंग शुरू
सुरक्षा सलाह तेहरान के लोगों को छोटे शहरों में शिफ्ट होने का निर्देश मिला
विदेशी बैंक ईरानी बैंक पर हमले के बाद क्षेत्र में अमेरिकी हितों को निशाना बनाने की धमकी