तेहरान और उसके आसपास के इलाकों में पिछले 24 घंटों से भारी तनाव बना हुआ है। लवासान इलाके में एक लड़ाकू विमान के गिरने की शुरुआती खबरें सामने आई हैं, जिसे लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। एक तरफ जहां स्थानीय लोग धमाके और धुएं की बात कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ इजरायल ने अपनी कार्रवाई को लेकर आधिकारिक बयान जारी किया है। इस घटना का असर अब अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और हवाई यात्राओं पर भी दिखने लगा है।

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क्या इजरायल का फाइटर जेट गिरा है?

इस घटना को लेकर अभी स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है, लेकिन जो जानकारी सामने आई है वह इस प्रकार है:

  • इजरायल का दावा: इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि उनके F-35I ‘Adir’ फाइटर जेट ने तेहरान के ऊपर ईरान के एक Yak-130 विमान को मार गिराया है। इजरायल का कहना है कि यह F-35 द्वारा हवा में किया गया पहला शिकार है।
  • लवासान की रिपोर्ट्स: सोशल मीडिया और कुछ अनऑफिशियल रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि उत्तर-पूर्व तेहरान के लवासान में एक इजरायली या अमेरिकी जेट गिरा है। चश्मदीदों ने वहां ‘मिलिट्री एयरक्राफ्ट की आवाज’ और ‘धुएं का गुबार’ देखा।
  • ईरान का बयान: ईरानी स्टेट मीडिया ने अभी तक किसी इजरायली जहाज के गिरने की पुष्टि नहीं की है। हालांकि, टीवी पर उत्तर-पूर्व तेहरान में ‘तेज धमाकों’ की खबर जरूर दिखाई गई है।

आम लोगों और गल्फ प्रवासियों पर असर

इस तनाव के चलते खाड़ी देशों में रहने वाले और भारत से यात्रा करने वाले लोगों के लिए कुछ अहम अपडेट हैं। कच्चे तेल (Brent) की कीमतें बढ़कर 68.75 डॉलर तक पहुंच गई हैं, जिसका असर आने वाले दिनों में महंगाई पर पड़ सकता है। अमेरिका ने ईरान और इराक के लिए ‘Do Not Travel’ की चेतावनी जारी की है, यानी वहां यात्रा करना अभी सुरक्षित नहीं है। इजरायल ने अपनी एयरस्पेस को रात के समय सीमित उड़ानों के लिए खोलने का फैसला किया है ताकि लोगों को सुरक्षित निकाला जा सके।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.