ईरान और इजराइल के बीच चल रहे तनाव का सीधा असर अब भारतीय बाजार पर पड़ने वाला है। खाड़ी देशों में युद्ध की स्थिति की वजह से ग्लोबल सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसका सबसे ज्यादा असर बीयर इंडस्ट्री पर पड़ा है। Brewers Association of India (BAI) ने चेतावनी दी है कि आने वाले हफ्तों में बीयर की कमी हो सकती है और इसकी कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

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बीयर की कीमतों में बढ़ोतरी की मुख्य वजह क्या है?

भारत में बीयर की बोतलें बनाने के लिए लगने वाली Natural Gas का एक बड़ा हिस्सा कतर और अन्य खाड़ी देशों से आता है। ईरान-इजराइल संघर्ष की वजह से गैस की सप्लाई में दिक्कतें आई हैं, जिससे कांच की बोतलों की लागत में 20 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। इसके अलावा अन्य पैकेजिंग सामान जैसे गत्ते के डिब्बे और लेबल की कीमतों में भी 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी देखी गई है।

  • बीयर कंपनियों की कुल उत्पादन लागत 12 से 15 प्रतिशत तक बढ़ गई है।
  • कतर से आने वाली Natural Gas की सप्लाई प्रभावित होने से कांच फैक्ट्रियों में काम रुका है।
  • लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई के खर्च में भी 10 प्रतिशत की बढ़त हुई है।
  • कंपनियों ने राज्य सरकारों से दाम बढ़ाने की मंजूरी मांगी है।

गर्मियों के सीजन में कितनी हो सकती है किल्लत?

भारत में मार्च से जून तक बीयर की मांग सबसे ज्यादा रहती है। सप्लाई चेन टूटने की वजह से Heineken, AB InBev और Carlsberg जैसे बड़े ब्रांड्स को उत्पादन में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। फिरोजाबाद के कांच निर्माताओं के मुताबिक गैस की कमी से उत्पादन में 40 प्रतिशत तक की गिरावट आई है। अगर राज्य सरकारों ने जल्द ही कीमतों में बदलाव की अनुमति नहीं दी, तो बाजार में बीयर की भारी कमी हो सकती है।

सामग्री कीमत में बढ़ोतरी
कांच की बोतलें 20%
पैकेजिंग (कार्टन) 100%
लॉजिस्टिक्स 10%
कुल उत्पादन लागत 12-15%
Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com