मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। 7 जून 2026 को ईरान ने इसराइल पर मिसाइलें दागकर एक बार फिर जंग छेड़ दी है, जिससे दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आया है। इस हमले के बाद कुवैत और बहरीन में भी मिसाइलें और ड्रोन हमले दर्ज किए गए हैं, जिसके बाद कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए हैं। सऊदी अरब के अधिकारियों ने आशंका जताई है कि अगर यह संकट लंबा खिंचा तो तेल की कीमतें 180 से 200 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।

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ईरान और इसराइल के बीच ताजा हमले से क्या हुआ नुकसान?

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इसराइल पर मिसाइल हमले की पुष्टि की है। इसके अलावा, ईरान ने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना करने का दावा किया है। कुवैत की एयर डिफेंस प्रणाली ने इन खतरों को हवा में ही नाकाम कर दिया। इस हमले के बाद इराक ने 72 घंटे और सीरिया ने 12 घंटे के लिए अपने हवाई क्षेत्र को पूरी तरह बंद कर दिया है। इसराइल ने इस हमले को बड़ी भूल बताया है और लेबनान में अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।

कच्चे तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा और सऊदी का क्या है अनुमान?

इस युद्ध के कारण वैश्विक तेल बाजार में भारी हलचल देखी जा रही है। जून की शुरुआत में ही ब्रेंट क्रूड 93.80 डॉलर और अमेरिकी क्रूड 90.39 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया था। अब सऊदी अरब के अधिकारी इस बात का आकलन कर रहे हैं कि अगर सप्लाई में रुकावट जारी रही तो तेल की कीमतें 180 डॉलर से लेकर 200 डॉलर प्रति बैरल के पार जा सकती हैं। रोसनेफ्ट के सीईओ इगोर सेचिन का कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के इस संकट से सबसे ज्यादा फायदा अमेरिकी तेल कंपनियों को हो रहा है।

नीचे दी गई तालिका में संकट के बाद विभिन्न देशों की स्थिति को संक्षेप में दिया गया है:

देश या क्षेत्र ताजा स्थिति और उठाए गए कदम
इसराइल मिसाइलों को मार गिराया, लेबनान में हमले जारी रखने की घोषणा
इराक हवाई क्षेत्र को 72 घंटे के लिए बंद किया
सीरिया हवाई क्षेत्र को 12 घंटे के लिए बंद किया
कुवैत एयर डिफेंस ने मिसाइल और ड्रोन हमलों को नाकाम किया
सऊदी अरब तेल की कीमतें 180-200 डॉलर प्रति बैरल पहुंचने की आशंका जताई

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप और अन्य देशों का इस पर क्या रुख है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन बनाने की क्षमता अब काफी कमजोर हो चुकी है और उसके पास केवल 21 से 22 प्रतिशत मिसाइल स्टॉक बचा है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कहा है कि मध्य पूर्व में अमेरिकी बल पूरी तरह अलर्ट पर हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने शांति प्रक्रिया में देरी के लिए अमेरिका और इसराइल के रवैये को जिम्मेदार ठहराया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान के मिसाइल हमले के बाद कच्चे तेल की कीमतों पर क्या असर पड़ा है?

हमले के तुरंत बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है। सऊदी अधिकारियों का अनुमान है कि यदि तेल आपूर्ति में व्यवधान जारी रहता है तो कीमतें 180 से 200 डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती हैं।

सुरक्षा के लिहाज से किन देशों ने अपने हवाई क्षेत्र बंद किए हैं?

मिसाइल हमलों के बाद सुरक्षा कारणों से इराक ने अगले 72 घंटों के लिए और सीरिया ने 12 घंटों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को पूरी तरह से बंद कर दिया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.