25 मार्च 2026 को ईरान की राजधानी तेहरान समेत कई बड़े शहरों में धमाकों की आवाज सुनी गई है। इजरायली सेना ने दावा किया है कि उनकी वायुसेना ने तेहरान में मिसाइल उत्पादन केंद्रों पर सटीक हमले किए हैं जिससे वहां भारी नुकसान हुआ है। इस तनाव के बीच ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए इजरायल और पड़ोसी देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया है। इस स्थिति को देखते हुए खाड़ी देशों में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

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इजरायल और ईरान के बीच हुए इन हमलों का मुख्य विवरण क्या है?

  • इजरायली वायुसेना ने तेहरान और इस्फहान में मिसाइल और विस्फोटक बनाने वाली फैक्ट्रियों पर हमले किए हैं।
  • ईरान ने इजरायल के साथ-साथ कुवैत, जॉर्डन और बहरीन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं।
  • सऊदी अरब की वायु सेना ने अपने पूर्वी प्रांत में 33 ईरानी ड्रोनों को सफलतापूर्वक मार गिराया है।
  • इजरायल के बनी ब्राक शहर में ईरानी हमले के कारण 9 लोग घायल हुए हैं और कई इमारतों को नुकसान पहुंचा है।
  • ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से अमेरिकी और इजरायली जहाजों के गुजरने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

युद्ध के ताजा हालातों का सामान्य जनजीवन और व्यापार पर क्या असर पड़ा है?

ईरानी परमाणु ऊर्जा संगठन ने जानकारी दी है कि बुशहर परमाणु संयंत्र के पास एक प्रोजेक्टाइल गिरा है लेकिन इससे प्लांट को कोई नुकसान नहीं हुआ है। इस युद्ध के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव की संभावना बढ़ गई है और 25 मार्च को तेल के व्यापार में अचानक भारी तेजी देखी गई है। सऊदी अरब के कैबिनेट ने अपनी वायु सेना की कार्रवाई की सराहना की है क्योंकि मिसाइलों का मलबा रिहायशी इलाकों में गिरा था लेकिन कोई हताहत नहीं हुआ है। पाकिस्तान के जरिए अमेरिका ने ईरान को शांति का प्रस्ताव भेजा था जिसे ईरान ने अपनी शर्तों के खिलाफ बताकर खारिज कर दिया है।