ईरान और इजरायल के बीच तनाव अब बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। 21 मार्च 2026 को ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने दुनिया भर के मुस्लिम नेताओं से अपील की है कि वे ईरान के खिलाफ हो रहे हमलों की निंदा करें। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठा रहा है और उसने क्षेत्र के अन्य देशों को भी स्थिति साफ करने को कहा है। इस तनाव के बीच Strait of Hormuz की सुरक्षा को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं।

ईरानी विदेश मंत्री की मुस्लिम देशों और UN से क्या मांग है?

ईरानी विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं और मुस्लिम जगत से ईरान पर हो रहे हमलों के खिलाफ खड़े होने को कहा है। उन्होंने UN महासचिव Antonio Guterres और EU की Kaja Kallas से फोन पर बात कर अपनी चिंता जताई है। ईरान का कहना है कि अमेरिका और इजरायल की गतिविधियों के कारण ही खाड़ी क्षेत्र में अशांति फैली है।

  • मुस्लिम देशों को इस्लामी मूल्यों की रक्षा के लिए आगे आना होगा।
  • Strait of Hormuz केवल गैर-दुश्मन देशों के जहाजों के लिए खुला है।
  • ईरान ने जापान जैसे देशों के साथ समुद्री सुरक्षा को लेकर बातचीत जारी रखी है।
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इजरायली कार्रवाइयों की निंदा करने की मांग की गई है।

खाड़ी देशों और भारत पर इस तनाव का क्या असर पड़ेगा?

क्षेत्र में बिगड़ते हालात को देखते हुए ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi से बात की है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह मुस्लिम देशों के साथ युद्ध नहीं चाहता है। हालांकि, ईरान की सेना ने UAE को सख्त चेतावनी दी है कि अगर उनकी जमीन का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हुआ तो भारी जवाबी कार्रवाई की जाएगी।

घटना तारीख महत्वपूर्ण जानकारी
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