ईरान और इसराइल के बीच चल रहा तनाव अब और भी खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। 5 अप्रैल 2026 को ईरान की तरफ से इसराइल के हाइफ़ा शहर को निशाना बनाकर बड़ा मिसाइल हमला किया गया। इस हमले में हाइफ़ा की एक रिहायशी इमारत पर सीधे तौर पर मिसाइल गिरी है, जिससे पूरी बिल्डिंग को भारी नुकसान पहुँचा है। इज़रायली मीडिया और सुरक्षा बलों ने इस हमले की पुष्टि की है और मौके पर राहत कार्य शुरू कर दिया गया है।

हाइफ़ा हमले और घायलों से जुड़ी मुख्य जानकारी

इस मिसाइल हमले के कारण हाइफ़ा में कम से कम चार लोग घायल हुए हैं। घायलों में एक 82 साल के बुजुर्ग की हालत काफी गंभीर बताई जा रही है, जबकि तीन अन्य लोगों को मामूली चोटें आई हैं। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई लोग सदमे और घबराहट की वजह से भी बीमार हो गए हैं। फायर सर्विस के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि जिस रिहायशी इमारत पर मिसाइल गिरी है, उसके ढहने का खतरा बना हुआ है।

  • घायलों की संख्या: 4 लोग सीधे हमले की चपेट में आए और 4 अन्य घबराहट के शिकार हुए।
  • इमारत की स्थिति: सीधी मिसाइल हिट के कारण इमारत पूरी तरह असुरक्षित हो गई है।
  • बचाव कार्य: मलबे में दबे लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
  • अन्य हमले: दक्षिण इसराइल के नेओत होवाव औद्योगिक क्षेत्र में भी आग लगने की खबर है।

ईरान और इसराइल के बीच बढ़ते तनाव का मौजूदा अपडेट

ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इस हमले को ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ का हिस्सा बताया है। उनका कहना है कि उन्होंने हाइफ़ा के ऊर्जा केंद्रों और पेट्रोकेमिकल ठिकानों को निशाना बनाया है। वहीं दूसरी तरफ, इसराइल ने भी पिछले 24 घंटों में ईरान के भीतर 120 से ज़्यादा ठिकानों पर हवाई हमले किए हैं। इन हमलों में ईरान के कई प्रांतों में जानी नुकसान की भी खबर मिली है।

पक्ष कार्रवाई की जानकारी
ईरान (IRGC) हाइफ़ा और नेओत होवाव पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं।
इसराइल (IDF) ईरान में मिसाइल बनाने वाले कारखानों और एयर डिफेंस सिस्टम को तबाह किया।
नुकसान (ईरान) अमेरिका-इसराइल के हमलों में 9 लोगों की मौत और 8 घायल।
चेतावनी ईरान ने कहा कि अगर इसराइल नहीं रुका तो हमले और भी तेज होंगे।

ईरान के विदेश मंत्री ने आरोप लगाया है कि इसराइल ने उनके परमाणु प्लांट और तेल डिपो को निशाना बनाया है। वहीं इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने स्पष्ट किया है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए ईरान के उन ठिकानों को तबाह करना जारी रखेंगे जो मिसाइल और विस्फोटक बनाने के काम आते हैं। इलाके में बढ़ते इस युद्ध जैसे माहौल से आम जनता के बीच काफी डर का माहौल है।