28 मार्च 2026 को सऊदी न्यूज़ (@SaudiNews50) ने बताया कि ईरान के यज़्द में हथियारों के गोदामों पर बमबारी हुई है। इस घटना से पूरे इलाके में तनाव बढ़ गया है। इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया, जिसके जवाब में ईरान ने सऊदी अरब में एक अमेरिकी सैन्य बेस पर हमला किया है। इस हमले में अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं और कुछ विमानों को भी नुकसान पहुंचा है।

इजरायल ने ईरान के किन ठिकानों को निशाना बनाया?

इजरायल ने ईरान के कई अहम ठिकानों पर हमले किए। इनमें यज़्द प्रांत में स्थित अरदकान येलोकेक उत्पादन प्लांट और अराक में शाहिद खोंडाब हेवी वाटर कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने पुष्टि की कि इन ठिकानों को निशाना बनाया गया था। संगठन ने बताया कि इन हमलों में कोई हताहत नहीं हुआ और न ही किसी तरह के प्रदूषण का खतरा है। इजरायल सेना ने कहा कि यज़्द प्लांट में परमाणु संवर्धन के लिए कच्चा माल तैयार होता है, और यह हमला ईरान के परमाणु कार्यक्रम के लिए बड़ा झटका है।

ईरान और सऊदी अरब पर क्या असर हुआ?

इन हमलों के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की। ईरान ने सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर हमला किया। इस बेस पर अमेरिकी सैनिक तैनात थे और हमले में कुछ अमेरिकी सैनिक घायल हो गए, साथ ही कई विमानों को भी नुकसान पहुंचा। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उन्होंने रियाद को निशाना बनाने वाले मिसाइलों और ड्रोन को रोका। सऊदी अरब लगातार ईरान के हमलों की निंदा करता रहा है और आत्मरक्षा के अपने अधिकार की बात कहता है। इसी बीच, हूती विद्रोहियों ने भी इजरायल पर मिसाइल हमला करने का दावा किया, जिसे इजरायल ने बीच में ही रोक दिया।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और चेतावनी क्या रही?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची ने कहा कि ईरान इजरायली अपराधों के लिए ‘बड़ी कीमत’ वसूलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी हमले के बाद अब कूटनीति का रास्ता नहीं बचा है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने धमकी दी कि ईरान को इस युद्ध अपराध के लिए ‘बड़ी और बढ़ती कीमत चुकानी होगी’। ईरान के आईआरजीसी एयरोस्पेस फोर्स के कमांडर सैय्यद मजीद मूसावी ने अमेरिका और इजरायल से जुड़ी कंपनियों के कर्मचारियों को अपनी कार्यस्थल खाली करने की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि ‘इस बार, हिसाब ‘जैसे को तैसा’ नहीं होगा, बस इंतजार करें।’ इस दौरान अमेरिका ने संभावित संघर्ष विराम के लिए 15-बिंदु की एक ‘एक्शन लिस्ट’ प्रस्तुत की थी, जिसे ईरान ने खारिज कर दिया और अपनी पांच-बिंदु की योजना सामने रखी।

Sushma Kumari

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